शोभना शर्मा, अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) भर्ती परीक्षा 2025 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए आज एक महत्वपूर्ण दिन है। आवेदन फॉर्म में करेक्शन (Correction) और बिना योग्यता आवेदन करने पर फॉर्म विड्रॉ (Withdrawal) करने की अंतिम तिथि आज यानी 3 नवंबर 2025 रात 12 बजे तक निर्धारित की गई है। आयोग ने उम्मीदवारों को ऑनलाइन संशोधन का अवसर केवल निर्धारित शर्तों के अंतर्गत ही प्रदान किया है। इस सुविधा के माध्यम से अभ्यर्थी अपने आवेदन फॉर्म में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं ताकि परीक्षा के समय किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
कौन से विवरण कर सकते हैं सुधार
RPSC सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि उम्मीदवार अपने आवेदन फॉर्म में सीमित विवरणों को ही संशोधित कर सकेंगे। इनमें शामिल हैं –
नाम
पिता का नाम
फोटो
जन्म तिथि
जेंडर
इनके अलावा अन्य सभी सूचनाओं में संशोधन किया जा सकता है, लेकिन आवेदन पत्र में दी गई जानकारी विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप होनी चाहिए। किसी भी ऑफलाइन संशोधन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कैसे करें ऑनलाइन करेक्शन – पूरी प्रक्रिया
संशोधन करने के इच्छुक उम्मीदवारों को 500 रुपए शुल्क का भुगतान करना होगा। यह भुगतान ई-मित्र पोर्टल या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से किया जा सकता है। करेक्शन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
उम्मीदवार https://rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं।
Apply Online लिंक या SSO पोर्टल में लॉगिन करें।
“Citizen Apps” में जाकर Recruitment Portal का चयन करें।
संबंधित परीक्षा के अंतर्गत उपलब्ध Online Correction विकल्प पर क्लिक करें।
आवश्यक सुधार करें और संशोधित फॉर्म सबमिट करें।
यदि किसी को तकनीकी समस्या आती है, तो उम्मीदवार recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल कर सकते हैं या 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं।
बिना योग्यता आवेदन करने वालों के लिए फॉर्म विड्रॉ का विकल्प
ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने बिना पात्रता के आवेदन किया है, उनके लिए आयोग ने फॉर्म विड्रॉ (Withdraw) करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इसके लिए उम्मीदवार को अपने SSO पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। प्रक्रिया इस प्रकार है:
लॉगिन करने के बाद Recruitment Portal चुनें।
“My Recruitment” सेक्शन में संबंधित परीक्षा पर जाएं।
वहाँ “Withdraw” बटन पर क्लिक करें।
आवेदन विड्रॉ की प्रक्रिया पूरी करें।
यदि कोई अभ्यर्थी अयोग्य होते हुए भी फॉर्म विड्रॉ नहीं करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे अभ्यर्थियों को एक वर्ष के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार (प्रतिबंधित) भी किया जा सकता है।
भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ
कुल पद: 574
परीक्षा तिथि: 1 से 24 दिसंबर 2025
संशोधन शुल्क: ₹500
संशोधन की अंतिम तिथि: आज रात 12 बजे तक
आयोग ने इस भर्ती के लिए पहले जारी पुरानी अधिसूचना को रद्द कर नई अधिसूचना जारी की थी। नई भर्ती में वही 574 पद रखे गए, लेकिन पात्रता नियमों और न्यूनतम अंकों की बाध्यता में बदलाव किया गया है। इसके तहत अभ्यर्थियों से 20 सितंबर से 19 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे।
कार्रवाई से बचने के लिए सही सूचना देना अनिवार्य
RPSC ने स्पष्ट किया है कि गलत या असत्य सूचना देने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार अयोग्यता के बावजूद आवेदन करता है और फॉर्म विड्रॉ नहीं करता, तो यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। पात्रता जांच या साक्षात्कार के दौरान गलत जानकारी पाए जाने पर ऐसे उम्मीदवारों को एक वर्ष के लिए आयोग की आगामी परीक्षाओं से डिबार किया जा सकता है।
दो बार परीक्षा में गैरहाजिर रहने पर ब्लॉक होगा रजिस्ट्रेशन
RPSC ने कार्मिक विभाग (क-2) के आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि एक वित्तीय वर्ष में आयोजित दो परीक्षाओं में गैरहाजिर रहने वाले अभ्यर्थियों की वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) सुविधा ब्लॉक कर दी जाएगी। हालांकि, अभ्यर्थी ₹750 का भुगतान कर यह सुविधा दोबारा सक्रिय करा सकते हैं। यदि उम्मीदवार फिर से दो और परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है, तो उसे ₹1500 का शुल्क जमा कराना होगा। इसलिए आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि जो परीक्षा देने के इच्छुक नहीं हैं, वे निर्धारित अवधि में अपना आवेदन विड्रॉ कर लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
परीक्षा आयोजन की तैयारियाँ
आयोग के अनुसार, परीक्षा का आयोजन 1 से 24 दिसंबर 2025 तक राज्यभर में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रस्तावित है। प्रत्येक विषय की परीक्षा अलग-अलग तिथियों पर आयोजित होगी। आयोग परीक्षा तिथि, समय और केंद्र की जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेगा। सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि ऑनलाइन करेक्शन का उद्देश्य उम्मीदवारों को एक सुविधा मात्र देना है ताकि वे किसी तकनीकी या तथ्यात्मक गलती को सुधार सकें। लेकिन किसी भी प्रकार की पात्रता शर्तों में छूट नहीं दी जाएगी।


