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विधानसभा परिसर में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे टीकाराम जूली

विधानसभा परिसर में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे टीकाराम जूली

मनीषा शर्मा। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को उस समय चर्चा का विषय बन गया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ट्रैक्टर चलाकर विधानसभा परिसर के वेस्टर्न गेट पर पहुंचे। उनका उद्देश्य था किसानों की दुर्दशा को सरकार और पूरे प्रदेश के सामने रखना।

पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने किसानों की खड़ी फसलों को तबाह कर दिया है। इस आपदा से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर कांग्रेस ने सदन और सड़कों दोनों जगह आवाज उठाई। जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए।

सुरक्षाकर्मियों ने रोका, हुई नोकझोंक

जब जूली ट्रैक्टर लेकर विधानसभा गेट तक पहुंचे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। उनका कहना था कि विधानसभा परिसर में इस तरह का वाहन प्रवेश नहीं कर सकता। इस पर कांग्रेस विधायकों और सुरक्षा अधिकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।

इसके बावजूद जूली पीछे नहीं हटे। उन्होंने और अन्य विधायकों ने पैदल मार्च करते हुए विधानसभा के प्रवेश द्वार तक पहुंचकर अपना विरोध जारी रखा। उनके हाथों में बैनर थे और कई विधायकों ने बारिश से खराब हुई फसलें भी उठाई हुई थीं। नारेबाजी करते हुए सभी ने सरकार से तुरंत राहत देने की मांग की।

किसानों की आवाज उठाने का दावा

प्रदर्शन के दौरान टीकाराम जूली ने कहा कि वे केवल किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा,
“हम जनता की आवाज उठा रहे हैं और सरकार को इसे सुनना ही होगा। लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को दबाने की कोशिश करना गलत है। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।”

जूली ने कहा कि प्रदेश में लाखों किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। भारी बारिश ने फसलें पूरी तरह चौपट कर दी हैं और कई जगहों पर किसानों को जानमाल का भी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद सरकार अब तक न तो नुकसान का आकलन कर पाई है और न ही कोई राहत पैकेज घोषित किया है।

कांग्रेस विधायकों का आक्रोश

कांग्रेस विधायकों का कहना था कि सरकार किसानों को उनकी असली समस्या से भटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केवल हवाई दौरों और राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त है, जबकि किसानों की वास्तविक हालत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि फसलों के नुकसान का तात्कालिक आकलन कर किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह उठाती रहेगी।

किसान विरोधी नीतियों का आरोप

टीकाराम जूली ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि किसानों की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते किसानों को राहत नहीं दी गई तो कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

जूली ने यह भी कहा कि विपक्ष का यह विरोध केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि किसानों की समस्याओं को जनता और सत्ता तक पहुंचाने का एक बड़ा कदम है। उनका कहना था कि किसान आज आर्थिक और मानसिक दोनों संकटों से जूझ रहे हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उनके साथ खड़ी हो।

विपक्ष की रणनीति और भविष्य का आंदोलन

कांग्रेस विधायकों ने साफ किया कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है। आने वाले समय में वे किसानों की समस्याओं को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने विधानसभा के अंदर भी इस मुद्दे पर आवाज बुलंद करने की बात कही।

कांग्रेस का कहना है कि किसानों के नुकसान का आकलन करने के लिए सरकार को विशेष सर्वे टीम बनानी चाहिए और जल्द से जल्द राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। विपक्ष का यह भी कहना है कि राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जानी चाहिए ताकि उन्हें तत्काल मदद मिल सके।

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