मनीषा शर्मा,अजमेर। जिले के तबीजी स्थित पशु आहार केंद्र के पास रविवार को श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं को सामने लाने के उद्देश्य से सरस डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी द्वारा आयोजित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक शामिल हुए। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने सरकार पर तीखे हमले बोले।
टीकाराम जूली ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात तो करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। किसान आज खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। उन्हें खाद तक सही समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कई जगहों पर किसानों को खाद की जगह लाठियां दी जा रही हैं और जब खाद मिल भी रही है तो उसमें मिलावट और नकलीपन की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है क्योंकि नकली खाद सीधे किसान की उपज और उत्पादन को प्रभावित करती है।
जूली ने केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस विभाग के मंत्री खुद हैं, उसी विभाग में उनके लोकसभा क्षेत्र में नकली खाद मिलने की घटनाएं हुईं। यह दर्शाता है कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
दुग्ध उत्पादकों की मांगें
सम्मेलन के दौरान दुग्ध उत्पादकों ने भी अपनी प्रमुख मांगों को खुलकर सामने रखा। इनमें मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना की सात महीने से बकाया ₹320 करोड़ की राशि का तत्काल भुगतान, मिड डे मील योजना की एक साल से लंबित ₹320 करोड़ का भुगतान, अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को चारा अनुदान और फसल बीमा राशि जल्द उपलब्ध कराना शामिल हैं। इसके साथ ही डेयरी क्षेत्र को कृषि क्षेत्र में शामिल करने, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, IDS कैडर की स्थापना, किसानों को सेक्स सॉर्टेड सीमन निशुल्क उपलब्ध कराने और लावारिस सांडों का बंध्याकरण सुनिश्चित करने जैसी मांगें भी उठाई गईं।
जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय किसानों और पशुपालकों के लिए बोनस की योजना शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने उस पर रोक लगा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों और किसानों के लिए योजनाओं का पैसा रोक दिया जाता है जबकि बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट घरानों के लिए खजाना हमेशा खुला रहता है।
कानून व्यवस्था और बाढ़ प्रबंधन पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अपराध लगातार बढ़ रहा है और माफियाओं का बोलबाला है। सरकार की मॉनिटरिंग पूरी तरह फेल हो चुकी है। कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री बाढ़ पीड़ितों से मिलने तक नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को दिल्ली जाने का समय मिल जाता है, लेकिन राज्य के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों की जनता से मिलने का समय नहीं है। राहत और पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था भी सरकार की ओर से नहीं की गई है।
वोट चोरी कर सत्ता में आने का आरोप
टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर चुनावों में धांधली कर वोट चोरी से सत्ता में आने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सबूतों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लाखों फर्जी वोटों का मामला उजागर किया है। बिहार समेत कई राज्यों में यह फर्जीवाड़ा सामने आया है। जूली ने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस इस विषय पर बड़ा अभियान चलाएगी और जनता को सच्चाई बताएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने देश को असली मुद्दों से भटका दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि 100 दिन में काला धन वापस लाएंगे, युवाओं को रोजगार देंगे, महंगाई कम करेंगे और भ्रष्टाचार खत्म करेंगे, लेकिन इन मुद्दों पर आज कोई चर्चा नहीं होती। भाजपा सरकार सिर्फ धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रही है।
किसानों को ठगा जा रहा है
जूली ने कहा कि चुनाव के समय सभी पार्टियां किसानों को अन्नदाता कहकर भगवान का दर्जा देती हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही वही किसान अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटकते हैं। उन्होंने कहा कि आज किसान का उत्पादन लागत दोगुना हो गया है, लेकिन मंडियों में व्यापारी उनकी मेहनत का सही दाम नहीं देते। यह सरकार किसानों के बोनस का पैसा रोक रही है, जबकि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज आसानी से माफ कर रही है।
राजस्थान में अभियान की तैयारी
टीकाराम जूली ने बताया कि कांग्रेस बहुत जल्द राजस्थान में एक अभियान चलाने वाली है, जिसमें वोटर लिस्ट की जांच और जनता को भाजपा के वोट चोरी के खेल से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उदयपुर में एक ही पते पर सैकड़ों फर्जी वोट पाए गए हैं। यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
कार्यक्रम में टीकाराम जूली के साथ किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी, पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़, डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी और कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद रहे। राजस्थान के अलग-अलग जिलों से आए किसानों और पशुपालकों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और सरकार से समाधान की मांग की।


