latest-newsजयपुरराजनीतिराजस्थान

विधायकों पर तीसरी आंख, सीएम भजनलाल शर्मा की चेतावनी

विधायकों पर तीसरी आंख, सीएम भजनलाल शर्मा की चेतावनी

राजस्थान की राजनीति में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर संगठन और सरकार के समन्वय को मजबूत करने के लिए सीएम भजनलाल शर्मा ने विधायकों को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार दोनों की ओर से विधायकों के कामकाज और व्यवहार पर लगातार नजर रखी जाती है। इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण, कार्यशैली और जनसंपर्क को लेकर पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह बात मंगलवार को विधानसभा परिसर की हां पक्ष लॉबी में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में कही। बैठक में प्रदेश सरकार के कार्यों की समीक्षा, आगामी राजनीतिक रणनीति और जनसंपर्क को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की छवि और जनता के बीच विश्वास बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सरकार और संगठन की नजर विधायकों के कामकाज पर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विधायकों की गतिविधियों और उनके कार्यों की नियमित रूप से निगरानी की जाती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी और सरकार दोनों की ओर से एक तरह से ‘तीसरी आंख’ लगातार सक्रिय रहती है, जो जनप्रतिनिधियों के व्यवहार और कार्यशैली पर नजर रखती है। उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों से विकास कार्यों और समस्याओं के समाधान की अपेक्षा करती है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विधायक जनता के बीच सक्रिय रहेंगे और समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेंगे तो सरकार की छवि और मजबूत होगी।

प्रदेश में एंटी-इनकंबेंसी का माहौल नहीं

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में सरकार के अब तक के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्यों के कारण प्रदेश में एंटी-इनकंबेंसी का माहौल नहीं बना है। यह सरकार के लिए सबसे सकारात्मक और संतोषजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं को आगे बढ़ाने में जुटी हुई है। इन प्रयासों के कारण जनता का विश्वास सरकार में बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इसी तरह जनता के बीच काम जारी रखा गया तो आने वाले समय में भी सरकार को जनता का समर्थन मिलता रहेगा।

जनता के बीच ज्यादा समय बिताने का निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों को जनता के बीच अधिक समय बिताने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में सरकार की पहुंच प्रदेश की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों तक और अधिक मजबूत की जानी चाहिए।

इसके लिए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे प्रतिदिन आठ से दस घंटे तक जनता के बीच रहकर काम करें। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है और यही लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि सीधे लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याओं को समझते हैं तो समाधान भी अधिक प्रभावी तरीके से हो पाता है।

विधायकों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने की सलाह

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जमीनी स्तर तक जाएं और आमजन के साथ संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।

उन्होंने कहा कि हर विधायक का यह दायित्व है कि वह अपने क्षेत्र में जाकर यह सुनिश्चित करे कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। इससे जनता के जीवन स्तर में सुधार होगा और सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने सदन में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाने वाले विधायकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जो विधायक विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाते हैं, वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

विधायकों की मांगों पर सरकार का सकारात्मक रुख

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने विधायकों की मांगों और सुझावों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि विधायकों ने जो भी आवश्यकताएं और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव रखे हैं, सरकार ने उन्हें पूरा करने का प्रयास किया है।

उन्होंने विधायकों से अपेक्षा जताई कि वे सरकार के विकास कार्यों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से ही प्रदेश के विकास को गति मिल सकती है।

राजस्थान दिवस कार्यक्रमों पर भी चर्चा

बैठक में राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी विधायकों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि इस बार राजस्थान दिवस समारोह की शुरुआत स्वच्छता अभियान और ‘विकसित रन’ से की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में ‘एक जिला एक उत्पाद’ प्रदर्शनी, जनजातीय कला प्रदर्शनी, युवा शक्ति मेला, उद्योगपतियों के साथ संवाद कार्यक्रम और किसान सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश के कई मंदिरों में विशेष आरती का आयोजन होगा, जबकि राजधानी जयपुर में सांस्कृतिक संध्या और भव्य आतिशबाजी के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और विकास की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का अवसर भी है। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को प्रदेश की उपलब्धियों और योजनाओं के बारे में अवगत कराएं, ताकि समाज के सभी वर्ग विकास की प्रक्रिया में भागीदार बन सकें।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading