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Wi-Fi स्लो होने की वजह बन सकते हैं ये घरेलू गैजेट्स

Wi-Fi स्लो होने की वजह बन सकते हैं ये घरेलू गैजेट्स

आज के डिजिटल दौर में तेज इंटरनेट लोगों की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल हो चुका है। ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई, वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग या फिर स्मार्ट होम डिवाइसेज का इस्तेमाल, हर चीज के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट जरूरी बन गया है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग अपने घरों में Wi-Fi राउटर लगवाते हैं ताकि उन्हें लगातार और बेहतर इंटरनेट कनेक्शन मिल सके। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि महंगा इंटरनेट प्लान और अच्छा राउटर होने के बावजूद इंटरनेट की स्पीड अचानक धीमी हो जाती है। ऐसे में लोग अक्सर इंटरनेट कंपनी या राउटर को दोष देने लगते हैं, जबकि असली वजह कुछ और ही होती है।

दरअसल, घर में मौजूद कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और गैजेट्स Wi-Fi सिग्नल में इंटरफेरेंस पैदा करते हैं। इसका मतलब यह है कि ये डिवाइस राउटर से निकलने वाले वायरलेस सिग्नल को कमजोर कर देते हैं, जिससे इंटरनेट की स्पीड प्रभावित होने लगती है। कई बार नेटवर्क बार-बार कटता है, वीडियो बफर होने लगती है या फिर इंटरनेट बहुत धीमा महसूस होता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी समस्या अधिकतर उन घरों में देखने को मिलती है, जहां Wi-Fi राउटर के आसपास कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स रखे होते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बेबी मॉनिटर, कॉर्डलेस फोन, ब्लूटूथ स्पीकर, सिक्योरिटी कैमरे, स्मार्ट टीवी और यहां तक कि बिना शील्ड वाली पावर केबल भी Wi-Fi सिग्नल को प्रभावित कर सकते हैं। खास बात यह है कि ये सभी डिवाइसेज लगभग हर घर में मौजूद रहते हैं और कई लोग इन्हें राउटर के बिल्कुल पास रख देते हैं। यही गलती इंटरनेट स्पीड को कमजोर करने लगती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि Wi-Fi राउटर सामान्य रूप से 2.4 GHz और 5 GHz फ्रीक्वेंसी बैंड पर काम करते हैं। वहीं कई घरेलू डिवाइसेज भी खासतौर पर 2.4 GHz फ्रीक्वेंसी पर ही संचालित होते हैं। जब एक ही फ्रीक्वेंसी पर कई डिवाइसेज एक साथ काम करते हैं तो सिग्नल आपस में टकराने लगते हैं। इसी कारण नेटवर्क की गुणवत्ता कमजोर होने लगती है और इंटरनेट स्पीड पर असर दिखाई देने लगता है।

डिजिटल बेबी मॉनिटर इसका सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। आजकल छोटे बच्चों की निगरानी के लिए लोग डिजिटल बेबी मॉनिटर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ये डिवाइस भी 2.4 GHz बैंड पर काम करते हैं। अगर बेबी मॉनिटर को Wi-Fi राउटर के बिल्कुल पास रखा जाए तो दोनों के सिग्नल एक-दूसरे में बाधा डाल सकते हैं। टेक विशेषज्ञों के अनुसार राउटर और बेबी मॉनिटर के बीच कम से कम 8 से 10 फीट की दूरी होनी चाहिए ताकि इंटरनेट की स्पीड प्रभावित न हो।

इसी तरह कई पुराने मॉडल के कॉर्डलेस फोन भी Wi-Fi नेटवर्क में इंटरफेरेंस पैदा करते हैं। ये फोन भी 2.4 GHz फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। अगर कॉर्डलेस फोन और राउटर बहुत पास रखे जाएं तो इंटरनेट स्लो हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दोनों डिवाइसेज के बीच कम से कम 3 से 5 फीट की दूरी बनाए रखनी चाहिए।

सिक्योरिटी कैमरे और CCTV सिस्टम भी Wi-Fi स्पीड पर असर डाल सकते हैं। आजकल अधिकतर स्मार्ट सिक्योरिटी कैमरे लगातार क्लाउड पर वीडियो अपलोड करते रहते हैं। इससे नेटवर्क की बड़ी मात्रा में बैंडविड्थ इस्तेमाल होती है। अगर कैमरे और राउटर बहुत पास रखे हों तो नेटवर्क ट्रैफिक बढ़ जाता है, जिससे बाकी डिवाइसेज पर इंटरनेट धीमा महसूस होने लगता है। खासतौर पर छोटे घरों और सीमित बैंडविड्थ वाले कनेक्शन में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।

स्मार्ट टीवी भी Wi-Fi नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने वाले डिवाइस माने जाते हैं। कई लोग राउटर को टीवी के ठीक पास रख देते हैं ताकि टीवी में इंटरनेट आसानी से चल सके। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जहां संभव हो, स्मार्ट टीवी को ईथरनेट केबल के जरिए इंटरनेट से कनेक्ट करना बेहतर विकल्प होता है। इससे Wi-Fi नेटवर्क पर दबाव कम पड़ता है और इंटरनेट की स्थिरता भी बेहतर बनी रहती है।

आजकल स्मार्ट होम डिवाइसेज का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। स्मार्ट बल्ब, स्मार्ट स्पीकर, स्मार्ट लॉक और अन्य IoT डिवाइसेज लगातार इंटरनेट से जुड़े रहते हैं। ये डिवाइसेज लगातार छोटे-छोटे सिग्नल भेजते रहते हैं, जिससे नेटवर्क क्षेत्र में सिग्नल की भीड़ बढ़ जाती है। यदि राउटर पहले से ही 2.4 GHz बैंड पर काम कर रहा हो तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि केवल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज ही नहीं, बल्कि कुछ पावर केबल और मोटी दीवारें भी Wi-Fi सिग्नल को प्रभावित कर सकती हैं। खासतौर पर बिना शील्ड वाली बिजली की तारें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस पैदा कर सकती हैं, जिससे वायरलेस सिग्नल कमजोर पड़ सकते हैं।

बेहतर इंटरनेट स्पीड के लिए राउटर को हमेशा घर के खुले और ऊंचे स्थान पर रखना चाहिए। उसे माइक्रोवेव, टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रखना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा यदि आपके घर में डुअल-बैंड राउटर है तो 5 GHz नेटवर्क का इस्तेमाल करने से भी बेहतर स्पीड और कम इंटरफेरेंस मिल सकता है।

आज के समय में जब इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, तब केवल तेज इंटरनेट प्लान लेना ही काफी नहीं है। सही राउटर प्लेसमेंट और आसपास मौजूद गैजेट्स की दूरी भी इंटरनेट की गुणवत्ता तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर लोग अपने घर के Wi-Fi नेटवर्क को ज्यादा तेज, स्थिर और बेहतर बना सकते हैं।

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