शोभना शर्मा। राजस्थान में लगातार कई दिनों से हो रही भारी बारिश का असर अब कम होने लगा है। बुधवार को केवल झालावाड़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में ही येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी हवाओं के कमजोर होने और मानसून ट्रफ की दिशा बदलने के कारण अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता और कम हो जाएगी। हालांकि, बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां अब भी बनी हुई हैं, जिससे आमजन को राहत नहीं मिल पाई है।
टोंक और बूंदी में स्कूलों की छुट्टी
भारी बारिश का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। टोंक और बूंदी जिले में प्रशासन ने 27 अगस्त को भी सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। इससे पहले भी लगातार बरसात के कारण इन जिलों में छुट्टियां दी गई थीं। वहीं, अन्य जिलों में सामान्य स्थिति को देखते हुए फिलहाल स्कूलों को खोल दिया गया है।
कई जिलों में तेज बारिश दर्ज
मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश हुई। बांसवाड़ा के भूंगड़ा में सबसे ज्यादा 6 इंच (154 मिमी) पानी बरसा। वहीं, दौसा, अलवर और प्रतापगढ़ में 1 से 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई।
बारिश का आंकड़ा इस प्रकार रहा:
भीलवाड़ा (कोटड़ी): 53 मिमी
अलवर (कठूमर): 89 मिमी, (कोटकासिम): 35 मिमी, (खैरथल): 33 मिमी, (बानसूर): 40 मिमी
कोटा (कानावास): 39 मिमी
कोटपूतली: 40 मिमी
फलोदी (सेतरवाड़ा): 85 मिमी
प्रतापगढ़ (धरियावद): 69 मिमी
उदयपुर (कुराबाद): 49 मिमी, (लसाड़िया): 23 मिमी
जोधपुर (तिंवरी): 35 मिमी
धौलपुर (मनिया): 68 मिमी
बूंदी: 44 मिमी
चित्तौड़गढ़ (बस्सी): 43 मिमी
उदयपुर में बाढ़ जैसे हालात
उदयपुर जिले में झीलों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। फतहसागर झील के गेट खोलने पड़े, वहीं झाड़ोल क्षेत्र में वाकल नदी उफान पर आ गई। इससे वास-नरसिंगपुरा संपर्क सड़क की पुलिया डूब गई और दोनों गांवों का संपर्क टूट गया। कई जगह निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।
जोधपुर में फ्लाइट डायवर्ट
जोधपुर में खराब मौसम का असर हवाई सेवा पर भी देखने को मिला। हैदराबाद से आई इंडिगो फ्लाइट जोधपुर एयरपोर्ट पर नहीं उतर पाई और करीब 20 मिनट तक हवा में चक्कर लगाने के बाद उसे उदयपुर एयरपोर्ट डायवर्ट करना पड़ा। यात्रियों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जैसलमेर और जालोर में परेशानी
जैसलमेर के रामदेवरा में भारी बारिश से जलभराव हो गया, जिससे मंदिर दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को दिक्कत उठानी पड़ी। तालाब की पाल की सीढ़ियों की दीवार भी ढह गई। वहीं, जालोर में नदी में डूबने से दो लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे नदियों और जलाशयों के पास न जाएं।
स्कूल भवन गिरा, गनीमत से हादसा टला
भीलवाड़ा के रायला कस्बे में एक सरकारी स्कूल का कमरा भारी बारिश के कारण गिर गया। हालांकि, यह कमरा पहले से ही सील था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून ट्रफ इस समय श्रीगंगानगर, सिरसा, आगरा, सीधी और संभलपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। हालांकि, पूर्वी हवाओं के कमजोर होने से राजस्थान में बारिश की तीव्रता अब धीरे-धीरे कम होगी। अगले कुछ दिनों तक केवल दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।


