राज्य सरकार द्वारा बुधवार को विधानसभा में पेश किए गए राजस्थान के बजट को लेकर वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने गुरुवार को अजमेर में मीडिया से बातचीत की। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बजट को “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। चतुर्वेदी के अनुसार, यह केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में राजस्थान को विकास की नई दिशा देने वाला रोडमैप है।
2047 के विकसित भारत और राजस्थान की आधारशिला
अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत और विकसित राजस्थान की आधारशिला है। सरकार ने दूरदर्शी सोच के साथ बजट में ऐसे प्रावधान किए हैं, जो आने वाले दशकों तक प्रदेश के विकास को गति देंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, कृषि और आधारभूत संरचना जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को इस बजट में समाहित किया गया है। उनके अनुसार, बजट में कोई भी क्षेत्र उपेक्षित नहीं रहा है और सरकार का स्पष्ट उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह बजट अल्पकालिक लाभ से अधिक दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
युवाओं और महिलाओं पर विशेष फोकस
प्रेस वार्ता में चतुर्वेदी ने बताया कि बजट में युवाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रावधान किया गया है। इससे युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनें और परिवार व समाज में उनकी भूमिका और सशक्त हो।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई गति
अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों के विकास से न केवल राज्य की पहचान मजबूत होगी, बल्कि इससे रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राइट टू हेल्थ पर विपक्ष के आरोप निराधार
विधानसभा में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा राइट टू हेल्थ को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण चतुर्वेदी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस बजट में सभी प्रदेशवासियों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में विपक्ष द्वारा राइट टू हेल्थ को लेकर किया जा रहा हंगामा पूरी तरह निराधार है। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में चुनाव से पहले राइट टू हेल्थ बिल तो पेश किया, लेकिन उसे प्रभावी रूप से लागू नहीं कर सकी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के समय आयुष्मान योजना का लाभ भी प्रदेश के आम नागरिकों तक सही ढंग से नहीं पहुंच पाया।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। बजट में मुफ्त इलाज, अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक इलाज के अभाव में परेशान न हो। अरुण चतुर्वेदी के अनुसार, स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रावधान आने वाले समय में राजस्थान को एक मजबूत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेंगे।
भाजपा नेताओं की मौजूदगी में हुई प्रेस वार्ता
इस प्रेस वार्ता में देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाना, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता गैना और भाजपा शहर अध्यक्ष रमेश सोनी भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने बजट को प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह बजट समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने वाला है।
समग्र विकास की दिशा में बजट
अंत में अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि एक ऐसी सोच का प्रतिबिंब है, जो राजस्थान को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में आगे ले जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में की गई घोषणाएं जब धरातल पर उतरेंगी, तो आमजन को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।


