शोभना शर्मा। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव को लेकर माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। छात्रों की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। मंगलवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर एनएसयूआई ने एक विशाल छात्र सभा का आयोजन किया, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। सबसे प्रमुख चेहरा रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री और टोंक से विधायक सचिन पायलट, जिन्होंने छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों के साथ मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया।
इस प्रदर्शन के दौरान जयपुर की सड़कों पर हजारों छात्र और एनएसयूआई कार्यकर्ता एकजुट हुए। जैसे ही यह रैली मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ी, पुलिस ने पहले से ही इंतजाम कर रखे थे। मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे छात्रों और नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे, जिस कारण पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई।
छात्रसभा में शामिल हुए कई वरिष्ठ नेता
शहीद स्मारक पर आयोजित छात्र सभा में एनएसयूआई के साथ कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए। इस सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने कहा, “यह सरकार आखिर क्या चाहती है? कौन है मुख्यमंत्री का सलाहकार जो कोई भी चुनाव कराने से इनकार कर रहा है? छात्रसंघ चुनाव हो या निकाय चुनाव, दोनों को लेकर सरकार मौन है।” पायलट ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की जनता, युवाओं और किसानों के लिए कोई योजना नहीं बनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल सत्ता में रहकर आनंद लेना चाहती है, न कि जनसेवा।
भाजपा पर भी साधा निशाना
सचिन पायलट ने इस अवसर पर केंद्र की भाजपा सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा, “राजस्थान में भाजपा की डबल इंजन सरकार को डेढ़ साल से ज्यादा हो गया है, लेकिन अब तक कोई भी ऐसा कार्य नहीं हुआ है जो युवाओं, किसानों या आम जनता के हित में हो। भाषणों से सरकार नहीं चलती। सरकार का इरादा साफ है—हिंदू-मुस्लिम करके चुनाव के वक्त जनता को गुमराह करना।” उन्होंने जनता से अपील की कि वह ऐसे झूठे नारों के पीछे न जाएं और सच को पहचानें।
एनएसयूआई का एलान: चुनाव कराकर ही दम लेंगे
कांग्रेस विधायक और एनएसयूआई के सक्रिय नेता अभिमन्यु पूनिया ने भी छात्र सभा में सरकार को सीधे चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं करा रही, इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बता रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द चुनाव की घोषणा नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज होगा। पूनिया ने कहा कि राज्य के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। अब एनएसयूआई पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है और कांग्रेस के तमाम नेता उनके साथ खड़े हैं।
झड़प और पुलिस बल का प्रयोग
मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करते समय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पहले से बेरीकेड्स लगाए थे। जैसे ही सचिन पायलट और छात्र कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने वॉटर कैनन से पानी फेंककर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और बेरीकेड्स पर चढ़कर आगे बढ़ने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस ने सख्ती बरती और प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला गया। इस दौरान धक्का-मुक्की और हल्की झड़प भी देखने को मिली।
एनएसयूआई नेतृत्व और अन्य नेताओं की मौजूदगी
इस प्रदर्शन में कांग्रेस और एनएसयूआई के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने इसे विशेष बना दिया। सचिन पायलट के साथ कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर, डीसी बैरवा, अभिमन्यु पूनिया, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़, जयपुर ग्रामीण से लोकसभा प्रत्याशी रहे अनिल चौपड़ा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र भारद्वाज और निर्मल चौधरी भी मौजूद रहे। इन नेताओं की उपस्थिति से यह स्पष्ट हो गया है कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर अब कांग्रेस पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है और इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की दिशा में बढ़ रही है।


