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राजस्थान में 3540 पदों पर शिक्षण सहयोगी भर्ती, 5 मई से आवेदन शुरू

राजस्थान में 3540 पदों पर शिक्षण सहयोगी भर्ती, 5 मई से आवेदन शुरू

राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग (RSSB) ने संविदात्मक आधार पर शिक्षण सहयोगी (Raj-CES) 2026 भर्ती की अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत राज्यभर में विभिन्न विषयों और ट्रेड्स में कुल 3,540 पदों को भरा जाएगा। लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, क्योंकि इसमें अलग-अलग विषयों के लिए व्यापक स्तर पर रिक्तियां निकाली गई हैं।

आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन की शुरुआत 5 मई 2026 से होगी और इच्छुक उम्मीदवार 3 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसके लिए अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा, जिसके बाद ही वे आवेदन पत्र भर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना OTR के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए अभ्यर्थियों को समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में स्नातकोत्तर डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवारों को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET), राज्य पात्रता परीक्षा (SLET) या पीएचडी जैसी योग्यता भी प्राप्त होनी चाहिए। यह शर्त इस बात को सुनिश्चित करने के लिए रखी गई है कि चयनित अभ्यर्थी शिक्षण कार्य के लिए पर्याप्त रूप से योग्य और सक्षम हों। आयोग का उद्देश्य इस भर्ती के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षकों की नियुक्ति करना है, जिससे शिक्षा स्तर में सुधार किया जा सके।

आयु सीमा की बात करें तो आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। यह आयु 1 जनवरी 2027 के आधार पर मानी जाएगी। हालांकि, राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। इस प्रावधान से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो आरक्षित श्रेणियों से आते हैं और उम्र सीमा के कारण आवेदन करने से वंचित रह सकते थे।

इस भर्ती अभियान की खास बात यह है कि इसमें विभिन्न विषयों और क्षेत्रों के लिए अलग-अलग पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें कंप्यूटर विज्ञान, विज्ञान, अंग्रेजी, गणित, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, संस्कृत, उर्दू, रसायन शास्त्र, भौतिक शास्त्र, प्राणी शास्त्र जैसे पारंपरिक विषयों के साथ-साथ कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों जैसे कृषि अभियांत्रिकी, कृषि अर्थशास्त्र, मृदा विज्ञान, कीट विज्ञान, उद्यान विज्ञान और पादप रोगविज्ञान जैसे विशेष विषय भी शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि आयोग इस भर्ती के जरिए शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है।

अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है, ताकि वे पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य जरूरी शर्तों को सही तरीके से समझ सकें। कई बार अभ्यर्थी बिना पूरी जानकारी के आवेदन कर देते हैं, जिससे बाद में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए आयोग ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि उम्मीदवार आवेदन से पहले सभी दिशा-निर्देशों का अध्ययन अवश्य करें।

आवेदन प्रक्रिया के दौरान यदि किसी अभ्यर्थी को तकनीकी या अन्य प्रकार की समस्या आती है, तो आयोग ने इसके लिए हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की है। अभ्यर्थी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए ईमेल आईडी या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ई-मित्र हेल्पलाइन और ऑनलाइन आवेदन से संबंधित समस्याओं के लिए अलग से सहायता नंबर भी जारी किए गए हैं, जिससे उम्मीदवारों को समय पर मदद मिल सके।

इसके साथ ही आयोग ने यह भी सुविधा प्रदान की है कि अभ्यर्थी अपनी परीक्षा से संबंधित शिकायतें या समस्याएं ईमेल के माध्यम से भी दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने और अभ्यर्थियों को सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस भर्ती को लेकर राज्य के युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से शिक्षण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भर्तियों का इंतजार किया जा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की भर्तियां न केवल बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करती हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाती हैं। हालांकि, यह भी जरूरी है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो, ताकि योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिल सके।

कुल मिलाकर, Raj-CES 2026 भर्ती राजस्थान में शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। यदि यह भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक और पारदर्शिता के साथ पूरी होती है, तो इससे न केवल शिक्षण संस्थानों में स्टाफ की कमी दूर होगी, बल्कि छात्रों को भी बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। अब अभ्यर्थियों के सामने चुनौती यह है कि वे अपनी तैयारी को मजबूत करें और इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं।

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