मनीषा शर्मा। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) द्वारा आयोजित स्टेट लेवल T-20 चैंपियनशिप का आगाज सोमवार को जयपुर और उदयपुर में हुआ। जयपुर के RCA एकेडमी ग्राउंड पर आयोजित उद्घाटन समारोह में एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने एक अनोखी पहल का ऐलान करते हुए कहा कि वे हर साल राजस्थान के 10-10 जरूरतमंद महिला और पुरुष खिलाड़ियों को गोद लेंगे और उन्हें क्रिकेट के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
कुमावत ने कहा कि उनका उद्देश्य राजस्थान के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देना है, ताकि वे राहुल द्रविड़, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे क्रिकेटरों की तरह खेल सकें और देश का नाम दुनिया भर में रोशन करें।
घरेलू सत्र की तैयारी के तहत टूर्नामेंट की शुरुआत- दीनदयाल कुमावत
एडहॉक कमेटी कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने बताया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के आगामी घरेलू सत्र की तैयारी के लिए RCA ने इस T-20 चैंपियनशिप का आयोजन किया है। ट्रायल्स के बाद चुने गए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को इस टूर्नामेंट में खेलने का मौका दिया गया है। इसके जरिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जो आगे चलकर BCCI द्वारा आयोजित होने वाले सीनियर वीमेंस टूर्नामेंट में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। जयपुर और उदयपुर में अलग-अलग ग्राउंड पर यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें खिलाड़ी अपने कौशल और प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
खिलाड़ियों की मदद के लिए व्यक्तिगत संकल्प
दीनदयाल कुमावत ने कहा कि वे खुद गरीबी से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं, इसलिए वे खिलाड़ियों की समस्याओं को अच्छे से समझते हैं। इसी वजह से उन्होंने हर साल 10-10 जरूरतमंद खिलाड़ियों को गोद लेने का फैसला किया है। इसमें न केवल क्रिकेट किट, जूते और अन्य उपकरण शामिल होंगे, बल्कि बेहतरीन ट्रेनर्स से ट्रेनिंग दिलाने का भी पूरा खर्च वे खुद उठाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की आर्थिक या संसाधनों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। चाहे बात फिटनेस ट्रेनिंग की हो, डाइट की हो या मैच प्रैक्टिस की — सभी सुविधाएं उन्हें उपलब्ध कराई जाएंगी।
खिलाड़ियों के लिए बिना वेतन और भत्तों के काम
कुमावत ने बताया कि मौजूदा एडहॉक कमेटी के सदस्यों ने फिलहाल किसी भी तरह का TA-DA (यात्रा और भत्ता) नहीं लिया है। उनका मानना है कि BCCI से जो भी फंड खिलाड़ियों के लिए आता है, उसे केवल खिलाड़ियों की सुविधा और उनके विकास में खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इंटरनेशनल लेवल की जो सुविधाएं भारतीय टीम के शीर्ष खिलाड़ियों को मिलती हैं, वही सुविधाएं राजस्थान के खिलाड़ियों को भी दी जाएंगी।
ट्रायल्स में सामने आईं समस्याओं का समाधान
कुमावत ने खुलासा किया कि हाल ही में हुए ट्रायल्स के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करते देखा। इसके बाद उन्होंने मौके पर ही इन समस्याओं को हल करने की कोशिश की। नाश्ते की व्यवस्था से लेकर ट्रेनिंग ग्राउंड की सुविधाओं और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता तक — हर पहलू में सुधार किया गया। उनका विश्वास है कि इन बदलावों का सकारात्मक असर आने वाले समय में जरूर दिखेगा और राजस्थान के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाएंगे।
इस चैंपियनशिप के जरिए RCA न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दे रहा है, बल्कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी कदम उठा रहा है। दीनदयाल कुमावत की यह पहल निस्संदेह राजस्थान क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


