मनीषा शर्मा, अजमेर। युवाओं में स्वदेशी भावना को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत का संदेश देने के उद्देश्य से स्वदेशी जागरण मंच द्वारा सोमवार को विवेकानंद जयंती के अवसर पर स्वदेशी स्वावलंबन दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ को राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजन को लेकर युवाओं और समाजसेवी संगठनों में खासा उत्साह देखने को मिला।
किशनगंज से नई चौपाटी तक निकली रैली
स्वदेशी स्वावलंबन दौड़ की शुरुआत किशनगंज स्थित शिव मंदिर से हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नई चौपाटी स्थित रीजनल कॉलेज परिसर तक पहुंची। दौड़ के समापन पर वहां एक संक्षिप्त समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्वदेशी विचारधारा और आत्मनिर्भरता पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
युवाओं को आत्मनिर्भरता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, आत्मबल और राष्ट्र निर्माण का मार्ग दिखाया था। स्वदेशी स्वावलंबन दौड़ उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। युवाओं को अपने जीवन में स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य रहे मौजूद
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. मनोज बहरवाल, प्राचार्य एसपीसी जीसीए रहे। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा हुआ विचार है। यदि युवा वर्ग स्वदेशी को अपने जीवन का हिस्सा बना ले, तो देश को आत्मनिर्भर बनने से कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि विधायक अनिता भदेल रहीं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझें और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें।
स्वदेशी आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता जगदीश राणा और महानगर संघचालक खाजू लाल चौहान ने की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच लगातार समाज में स्वदेशी के विचार को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है। इस तरह के आयोजन युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। महानगर संयोजक योगेंद्र सिंह गोयला ने जानकारी दी कि इस स्वदेशी स्वावलंबन दौड़ में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
स्वामी विवेकानंद के विचारों को किया गया स्मरण
समारोह के दौरान स्वामी विवेकानंद के विचारों और उनके राष्ट्र के प्रति योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही मजबूत, स्वावलंबी और समृद्ध भारत का निर्माण किया जा सकता है।


