मकर संक्रांति के पावन अवसर पर अजमेर में भव्य धार्मिक आयोजन देखने को मिला। बुधवार को डीएवी कॉलेज के खेल मैदान में 5151 आसनों पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन के लिए पूरे परिसर को ‘अयोध्या नगरी’ का स्वरूप दिया गया, जहां श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति की झलक साफ नजर आई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और धर्मप्रेमी इस आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन श्री सनातन संस्कृति संरक्षक प्रन्यास की ओर से किया गया था, जिसमें शहर ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे।
दिल्ली से पहुंचे रसराज महाराज, हुआ भव्य स्वागत
सुंदरकांड पाठ के लिए दिल्ली से प्रसिद्ध कथावाचक रसराज महाराज अजमेर पहुंचे। आयोजन स्थल पर उनका स्वागत अजमेर दक्षिण विधायक अनीता भदेल की ओर से किया गया। रसराज महाराज के सान्निध्य में सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ हुआ, जिससे पूरा वातावरण राममय हो गया।
कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख साधु-संत भी मौजूद रहे। सभी संतों का आयोजकों और जनप्रतिनिधियों की ओर से पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया।
विधायक अनीता भदेल ने दी आयोजन की जानकारी
विधायक अनीता भदेल ने बताया कि मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व पर इस आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना और सामाजिक समरसता का संदेश देना था। उन्होंने कहा कि डीएवी कॉलेज के खेल मैदान में 5151 आसन तैयार किए गए थे और रसराज महाराज द्वारा सुंदरकांड पाठ किया गया।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में कई साधु-संतों का आशीर्वाद श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ, जिससे भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला।
अयोध्या नगरी के रूप में सजा आयोजन स्थल
कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से अयोध्या नगरी के रूप में सजाया गया था। करीब 6000 स्क्वायर फीट क्षेत्र में यह अयोध्या नगरी बसाई गई। मैदान में कुल 10 खंड बनाए गए थे, जिनमें से पांच खंड महिलाओं और पांच खंड पुरुषों के लिए आरक्षित रखे गए।
प्रत्येक खंड में 500 से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। जमीन से लगभग 31 फीट ऊंचा मुख्य आसन बनाया गया, जहां से सुंदरकांड पाठ संपन्न हुआ। भव्य सजावट और व्यवस्थित बैठने की व्यवस्था ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया।
15 संतों की उपस्थिति, निम्बार्क पीठाधीश्वर रहे शामिल
इस आयोजन में निम्बार्क पीठाधीश्वर जगत गुरु श्याम शरण देवाचार्य महाराज सहित करीब 15 संत शामिल हुए। संतों की उपस्थिति से कार्यक्रम की धार्मिक गरिमा और बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद लिया और धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के रहे पुख्ता इंतजाम
कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। करीब 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं को संभाला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था भी विशेष रूप से की गई, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
पुलिस और स्वयंसेवकों की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। आयोजकों की ओर से पानी, बैठने और आवागमन की समुचित व्यवस्था की गई थी।
श्रद्धा और संस्कृति का संगम बना आयोजन
मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह सुंदरकांड पाठ अजमेर के लिए एक यादगार धार्मिक आयोजन बन गया। हजारों श्रद्धालुओं की एक साथ उपस्थिति ने यह साबित किया कि सनातन संस्कृति और धार्मिक आयोजनों के प्रति लोगों की आस्था आज भी गहरी है।


