राजस्थान में पिछले दिनों से सार्वजनिक स्थानों को बम से उड़ाने की लगातार धमकियों के बीच सीकर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्रसिद्ध गणेश्वर तीर्थ धाम में मंगलवार दोपहर एक सूटकेस में विस्फोट होने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना नीमकाथाना क्षेत्र में स्थित उस कुंड के पास हुई, जहां उस समय जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य चल रहा था और बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 2 बजकर 10 मिनट पर कुंड से अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी तेज थी कि परिसर में मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई और सभी सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। विस्फोट के कारण सूटकेस के टुकड़े-टुकड़े हो गए और चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया।
प्रत्यक्षदर्शी मजदूर का दावा: दो संदिग्ध सूटकेस लेकर पहुंचे थे
घटना के प्रत्यक्षदर्शी और मजदूर सुरेश ने बताया कि विस्फोट से कुछ ही मिनट पहले दो व्यक्ति कुंड के समीप पहुंचे थे। उनके हाथ में एक सूटकेस और नारियल से भरी एक थैली थी। सुरेश के अनुसार, उनमें से एक व्यक्ति लगातार मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रहा था और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह किसी को बता रहा हो कि सूटकेस और नारियल कुंड में डालना है। मजदूर के अनुसार, पहले उन लोगों ने नारियल को कुंड में फेंका। इसके कुछ ही क्षण बाद एक व्यक्ति ने सूटकेस भी पानी में डाल दिया। जैसे ही सूटकेस पानी को छूकर नीचे गिरा, अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वहां काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई। कुछ मजदूरों ने बताया कि धमाके के साथ सूटकेस के टुकड़े हवा में उछलकर आसपास गिरने लगे।
विस्फोट होते ही दोनों संदिग्ध व्यक्ति तेजी से परिसर से बाहर निकल गए और भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए। मजदूरों ने बताया कि पूरा घटनाक्रम कुछ ही मिनटों में हुआ और किसी को समझने का मौका भी नहीं मिला।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: परिसर को खाली कराया, जांच तेज
विस्फोट की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गणेश्वर धाम परिसर को तुरंत खाली करवाया गया और सुरक्षा के मद्देनजर इलाके की घेराबंदी की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से विस्फोट से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। डीएसपी सुशील मान ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों से बारीकी से पूछताछ की जा रही है और मौके की फोरेंसिक जांच भी करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संदिग्धों का हुलिया पता करने के लिए मजदूरों से विस्तृत बयान लिए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि सूटकेस में किस प्रकार का विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था और घटना के पीछे किस तरह की मंशा हो सकती है।
राजस्थान में पहले से जारी हैं धमकी भरे संदेशों के मामले
बीते कुछ सप्ताहों में राजस्थान के विभिन्न जिलों में प्रमुख स्थानों और चौक-चौराहों को उड़ाने की धमकियों ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कई मामलों में ये धमकियां मोबाइल संदेशों, सोशल मीडिया या सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ी गईं चिट्ठियों के रूप में मिली हैं। ऐसे माहौल में गणेश्वर तीर्थ धाम जैसी धार्मिक स्थल पर हुआ विस्फोट मामला और भी गंभीर माना जा रहा है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना हाल के धमकी मामलों से जुड़ी हुई तो नहीं है। फिलहाल किसी आतंकी साजिश या आपराधिक गैंग की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हर कोण से जांच जारी है।
स्थानीय लोगों में भय और असमंजस
गणेश्वर तीर्थ धाम प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने-जाने का स्थान है। ऐसे में दोपहर के समय हुए इस विस्फोट ने आसपास के लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया। कई लोगों ने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी कमी बताते हुए प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि हाल ही में सार्वजनिक स्थानों पर धमकियों की घटनाएं बढ़ी हैं। वहीं, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि धाम परिसर की सुरक्षा कड़ी की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जांच के बाद स्पष्ट होंगे कारण और उद्देश्य
पुलिस का कहना है कि विस्फोट की जांच प्राथमिक स्तर पर है और अभी घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना बाकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सूटकेस में किस प्रकार का विस्फोटक पदार्थ था और उसे कुंड में फेंकने का उद्देश्य क्या था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी जांच अहम भूमिका निभाएगी। संदिग्धों की पहचान होने के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आएगी।


