राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2025 के तहत अजमेर में रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की गई। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए शहर में कुल 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर इंतजाम किए थे, जिनमें पुलिस बल की तैनाती से लेकर अभ्यर्थियों की सघन जांच तक शामिल रही।
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से एक घंटे पहले ही केंद्रों पर प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले प्रत्येक उम्मीदवार की गहन जांच की गई, जिसमें ड्रेस कोड का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया गया। कई अभ्यर्थी फुल बाजू के कपड़े पहनकर पहुंचे, जिनकी आस्तीनों को मौके पर ही कैंची से काटा गया। इसी तरह, कुछ अभ्यर्थियों के हाथों में बंधे धागों को भी हटवाया गया और जूते तक खुलवाकर जांच की गई। यह सख्ती नकल और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को रोकने के उद्देश्य से अपनाई गई।
इस दौरान यह भी देखने को मिला कि कई अभ्यर्थी कठिन परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा देने पहुंचे। कुछ उम्मीदवार दुर्घटना में घायल होने के बावजूद केंद्रों तक पहुंचे, जो उनकी प्रतिबद्धता और इस परीक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
उपस्थिति के आंकड़ों की बात करें तो पहली पारी में 20 हजार 200 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 10 हजार 993 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, जो कुल 54.42 प्रतिशत उपस्थिति दर्शाता है। वहीं दूसरी पारी में भी लगभग समान स्थिति रही, जहां 20 हजार 200 अभ्यर्थियों में से 10 हजार 229 ने परीक्षा दी, जो 54.10 प्रतिशत उपस्थिति रही। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि दोनों पारियों में लगभग आधे अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए।
एक रोचक तथ्य यह भी सामने आया कि सुबह की पारी में परीक्षा देने वाले 764 अभ्यर्थी दूसरी पारी में शामिल नहीं हुए। इससे यह संकेत मिलता है कि कई उम्मीदवारों ने किसी कारणवश दोनों पारियों में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। परीक्षा का आयोजन दो दिनों तक किया जा रहा है और अगले दिन भी इसी प्रकार दो पारियों में परीक्षा आयोजित होगी।
परीक्षा की निगरानी और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए रामनिवास मेहता ने स्वयं अजमेर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही उसे प्रवेश दिया जाए। उन्होंने प्रवेश पत्र पर उपलब्ध क्यूआर कोड, वॉटरमार्क और अन्य सुरक्षा विशेषताओं की जांच को अनिवार्य बताया, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहर के कई प्रमुख परीक्षा केंद्रों का दौरा किया, जिनमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुलिस लाइन, जवाहर उच्च माध्यमिक विद्यालय, ख्वाजा मॉडल स्कूल और राजकीय कन्या महाविद्यालय (सावित्री कॉलेज) जैसे संस्थान शामिल रहे। इसके अलावा उन्होंने अन्य केंद्रों पर भी जाकर सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्थापन का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस परीक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। परीक्षा के दौरान शहर में कुल 800 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी, सामान्य पुलिसकर्मी और सादी वर्दी में तैनात जवान शामिल थे। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगभग 100 पुलिसकर्मियों को अन्य जिलों से भी बुलाया गया था। केंद्रों के भीतर और बाहर दोनों जगह सादी वर्दी में पुलिसकर्मी मौजूद रहे, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
परीक्षा केंद्रों के आसपास भी कड़ी निगरानी रखी गई, ताकि बाहरी हस्तक्षेप या नकल के प्रयासों को पूरी तरह रोका जा सके। प्रशासन का स्पष्ट संदेश था कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


