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वेदांता शेयरों में जोरदार उछाल, फिच अपग्रेड से निवेशकों में भरोसा बढ़ा

वेदांता शेयरों में जोरदार उछाल, फिच अपग्रेड से निवेशकों में भरोसा बढ़ा

मेटल, ऑयल एंड गैस, एनर्जी और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में काम करने वाली दिग्गज कंपनी  वेदांता लिमिटेड  के शेयरों में इन दिनों लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। सोमवार को आई तेजी के बाद मंगलवार को भी कंपनी के शेयरों में तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जिसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग अपग्रेड (Fitch Ratings) द्वारा कंपनी की रेटिंग में किया गया सुधार माना जा रहा है, जिसने बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया है।

शेयर बाजार में मंगलवार को वेदांता लिमिटेड के शेयर 697 रुपये के स्तर पर खुले और कारोबार के दौरान 718.80 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गए। हालांकि दिन के दौरान इसमें कुछ उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला और यह 692.05 रुपये के निचले स्तर तक भी गया, लेकिन अंत में यह 712.80 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले दिन के मुकाबले 22.80 रुपये यानी लगभग 3.30 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। इससे पहले 29 जनवरी 2026 को कंपनी का शेयर 770 रुपये तक पहुंच चुका है, जो इसका 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर है। इस तेजी ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि कंपनी के शेयरों में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।

वेदांता ग्रुप के प्रमोटर Anil Agarwal के नेतृत्व में कंपनी ने पिछले कुछ समय में अपने वित्तीय प्रदर्शन को मजबूत किया है। यही कारण है कि फिच रेटिंग्स ने वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड की लॉन्ग टर्म फॉरेन करेंसी इश्यूअर डिफॉल्ट रेटिंग को ‘B+’ से बढ़ाकर ‘BB-’ कर दिया है और इसका आउटलुक स्थिर रखा है। यह अपग्रेड 2015 के बाद कंपनी के बॉन्ड्स के लिए सबसे उच्च रेटिंग मानी जा रही है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

फिच के अनुसार, यह रेटिंग अपग्रेड कंपनी की मजबूत कमाई की संभावनाओं, बेहतर लागत संरचना और लगातार घटते कर्ज के कारण संभव हो पाया है। इसके साथ ही कंपनी के विविध पोर्टफोलियो और सप्लाई चेन जोखिम में कमी ने भी इस फैसले को मजबूती प्रदान की है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कमोडिटी कीमतों में स्थिरता और उत्पादन स्तर में सुधार से कंपनी की आय में और वृद्धि हो सकती है, जिससे आने वाले समय में इसके शेयरों में और मजबूती देखने को मिल सकती है।

वेदांता लिमिटेड के शेयरों में तेजी का एक और महत्वपूर्ण कारण कंपनी का प्रस्तावित डिमर्जर प्लान है। कंपनी के निदेशक मंडल ने समूह की विभिन्न इकाइयों को अलग-अलग कंपनियों में विभाजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस डिमर्जर के तहत वेदांता अल्यूमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर और वेदांता आयरन एंड स्टील को अलग-अलग संस्थाओं के रूप में स्थापित किया जाएगा, जबकि Hindustan Zinc Limited की पेरेंट कंपनी के रूप में वेदांता लिमिटेड बनी रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिमर्जर के बाद कंपनी के विभिन्न बिजनेस सेगमेंट्स में पारदर्शिता बढ़ेगी और सेक्टर-विशेष निवेशकों को अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश करने का अवसर मिलेगा। इससे कंपनी के वैल्यू अनलॉक होने की संभावना है, जो शेयर की कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है। पहले इस डिमर्जर के लिए रिकॉर्ड डेट 31 मार्च निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है, जिससे निवेशकों को अपनी रणनीति तय करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

कंपनी के वित्तीय अनुशासन और कर्ज कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी बाजार सकारात्मक रूप से देख रहा है। पिछले कुछ वर्षों में वेदांता ने अपने कर्ज को कम करने और लागत को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया है, जिसका असर अब उसके वित्तीय प्रदर्शन में साफ दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि रेटिंग एजेंसियां भी कंपनी के प्रति अपना दृष्टिकोण सकारात्मक बना रही हैं।

शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि वेदांता लिमिटेड का भविष्य काफी हद तक वैश्विक कमोडिटी बाजार की स्थिति, उत्पादन क्षमता और लागत प्रबंधन पर निर्भर करेगा। यदि कंपनी इन क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखती है, तो निवेशकों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बना रह सकता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर भी इस पर पड़ सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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