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सोना-चांदी के दाम में जोरदार उछाल — 10 दिन में सोना ₹4,571 और चांदी ₹18,890 महंगी

सोना-चांदी के दाम में जोरदार उछाल — 10 दिन में सोना ₹4,571 और चांदी ₹18,890 महंगी

मनीषा शर्मा। Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 के पहले हफ्ते में सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी उछाल दर्ज की गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 4% बढ़कर ₹1,21,525 तक पहुंच गई है। वहीं चांदी का भाव 12.90% बढ़कर ₹1,64,500 प्रति किलोग्राम हो गया है। 3 अक्टूबर को सोने का भाव ₹1,16,954 था जो 10 अक्टूबर को ₹4,571 बढ़कर ₹1,21,525 पर पहुंचा। इसी तरह चांदी ₹1,45,610 से ₹18,890 बढ़कर ₹1,64,500 पर पहुंच गई।

सोने की कीमत में उछाल के तीन बड़े कारण

इस तेजी के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का गहरा प्रभाव है। तीन मुख्य कारणों ने इस उछाल को गति दी है:

1. त्योहारों की बढ़ती मांग

भारत में सोना खरीदना त्योहारों पर शुभ माना जाता है, खासकर धनतेरस और दीवाली जैसे अवसरों पर। इस वजह से भले ही दाम ऊंचे हों, लेकिन ग्राहकों की खरीदारी में कमी नहीं आई है। बढ़ती डिमांड ने सोने के भाव को ऊपर की ओर धकेला है।

2. जियोपॉलिटिकल टेंशन

मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर की आशंकाओं के बीच निवेशकों ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाया है। अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता भी इस ट्रेंड को और मजबूत कर रही है।

3. केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद

कई देशों के केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा बढ़ा रहे हैं। इस निरंतर मांग ने वैश्विक कीमतों में तेजी को बल दिया है।

चांदी की कीमत में तेजी के चार अहम कारण

सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला है। इसके पीछे चार प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:

  1. त्योहारों की डिमांड: करवा चौथ और दिवाली जैसे त्योहारों पर चांदी की खरीदारी भी काफी बढ़ जाती है।

  2. रुपए में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट आने से इम्पोर्ट कॉस्ट बढ़ गई, जिससे चांदी महंगी हो गई।

  3. इंडस्ट्रियल डिमांड: इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल उपकरणों में चांदी की बढ़ती मांग ने कीमतों को और ऊपर धकेला।

  4. ग्लोबल सप्लाई में कमी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की सप्लाई में कमी आई है जिससे इसकी कीमतों में तेजी बनी हुई है।

इस साल अब तक सोना ₹45,363 और चांदी ₹78,483 महंगी

31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹76,162 थी, जो अब ₹1,21,525 हो गई है। यानी सोना इस साल अब तक ₹45,363 महंगा हो चुका है। इसी अवधि में चांदी का भाव ₹86,017 प्रति किलो से बढ़कर ₹1,64,500 हो गया है। यानी इसमें ₹78,483 की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तरह 2025 में सोना-चांदी ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है और इसकी मांग में लगातार इजाफा हो रहा है।

विशेषज्ञों का अनुमान: 1.55 लाख तक जा सकता है सोना

Goldman Sachs की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 तक सोने का भाव 5,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। मौजूदा रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के हिसाब से यह कीमत लगभग ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम हो सकती है। PL Capital के डायरेक्टर संदीप रायचुरा के अनुसार, सोने की कीमत ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। यानी आने वाले महीनों में सोने के दाम में और तेजी संभव है।

अभी सोने में निवेश का सही समय नहीं: अजय केडिया

Kedia Advisory के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि सोने में इस साल लगभग 60% की तेजी पहले ही आ चुकी है। ऐसे में निकट भविष्य में शॉर्ट टर्म में और बड़ी तेजी की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि मुनाफा वसूली के चलते भाव में कुछ गिरावट आ सकती है। हालांकि, लॉन्ग टर्म में सोने में निवेश अभी भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

सोना खरीदते समय इन दो बातों का रखें ध्यान

सोना खरीदने के लिए बाजार में जाने से पहले कुछ अहम बातों को समझना ज़रूरी है ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके और शुद्ध सोना खरीदा जा सके।

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें

हमेशा Bureau of Indian Standards (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें। 1 अप्रैल से लागू नए नियम के तहत केवल 6 अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग को ही मान्य किया गया है। इसे HUID (Hallmark Unique Identification Number) कहा जाता है। जैसे आधार कार्ड में 12 अंकों का कोड होता है, वैसे ही सोने पर भी 6 अंकों का कोड होगा — उदाहरण के लिए “AZ4524”। इससे सोने की शुद्धता को आसानी से परखा जा सकता है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें

सोना खरीदते समय 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट की कीमत अलग-अलग होती है। खरीदारी से पहले इसकी दर को IBJA की वेबसाइट या अन्य भरोसेमंद सोर्सेज से जांचना जरूरी है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती क्योंकि यह मुलायम होता है। आमतौर पर ज्वेलरी 22 कैरेट या उससे कम कैरेट सोने की ही बनाई जाती है।

त्योहारों की डिमांड, वैश्विक अस्थिरता और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कई कारणों से अक्टूबर 2025 में सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है। सोना ₹4,571 और चांदी ₹18,890 महंगी हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में सोने के दाम और बढ़ सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आप निवेश के लिए सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो सर्टिफिकेशन और कीमत की जांच बेहद ज़रूरी है।

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