राजस्थान की राजधानी जयपुर में बहने वाली द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने अब सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नदी का विस्तृत निरीक्षण किया और मौके पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
यह निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें नदी की वास्तविक स्थिति का गहन आकलन किया गया। अधिकारियों की टीम ने बम्बाला पुलिया से लेकर स्वर्ण जयंती पार्क तक करीब 40 किलोमीटर लंबे क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि नदी में कई स्थानों पर प्रदूषण की समस्या अभी भी बनी हुई है और इसके लिए व्यापक स्तर पर सुधार की आवश्यकता है।
आलोक गुप्ता ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अगले पांच दिनों के भीतर पूरे शहर का समग्र सर्वे किया जाए। इस सर्वे का उद्देश्य यह होगा कि द्रव्यवती नदी में गिरने वाले प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की जा सके और उन्हें नियंत्रित करने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन नालों को बंद किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर तुरंत बंद करने की कार्रवाई की जाए, ताकि नदी में गंदे पानी का प्रवाह रोका जा सके।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि नदी के रखरखाव और सफाई व्यवस्था में अभी और सुधार की जरूरत है। इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी की नियमित सफाई और मेंटेनेंस कार्यों की निगरानी को और मजबूत किया जाए। विशेष रूप से टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किए जा रहे मेंटेनेंस कार्यों पर नजर रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
इसके अलावा, नदी के किनारे बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों और वॉक-वे की स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन सुविधाओं की साफ-सफाई और रखरखाव बेहतर तरीके से किया जाए, ताकि नदी के आसपास का वातावरण स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे।
राज्य सरकार का यह कदम पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाता है। द्रव्यवती नदी जयपुर के लिए न केवल एक जल स्रोत है, बल्कि यह शहर की पारिस्थितिकी और सौंदर्य का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इसका प्रदूषण मुक्त होना न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह शहर के निवासियों के स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, तो इस लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट किया है कि इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


