राजस्थान सरकार के आदेशानुसार 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने शनिवार को सवाई माधोपुर जिले के पुलिस अधीक्षक पद का विधिवत कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान पुलिस की जो प्राथमिकताएं हैं, वही सवाई माधोपुर पुलिस की दिशा तय करेंगी। उनके इस बयान से साफ हो गया कि जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त और स्पष्ट नीति अपनाई जाएगी।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर फोकस
नई एसपी ने अपने पहले संबोधन में कहा कि सवाई माधोपुर, जो कि रणथंभौर नेशनल पार्क के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है, वहां सुरक्षा और व्यवस्था को और मजबूत बनाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकताओं में प्रमुख रहेगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिए कि जिले में अपराध नियंत्रण, विशेष रूप से संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना और मजबूत हो सके।
जनसंवाद से मजबूत होगी पुलिसिंग
ज्येष्ठा मैत्रेयी ने पुलिसिंग के अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि आमजन से सीधा संवाद उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को समझना और उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना ही पुलिस की असली जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़े। साथ ही पुलिसकर्मियों को संवेदनशील और जवाबदेह बनाकर त्वरित एवं भरोसेमंद सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
डीजीपी के विजन के अनुरूप कार्य
नई एसपी ने बताया कि राजीव कुमार शर्मा के विजन के अनुसार नवीन आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करना है।
इसके साथ ही नशामुक्ति अभियान, सामाजिक जागरूकता और पुलिस परिवार के कल्याण जैसे मुद्दों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पुलिस विभाग के भीतर और समाज में सकारात्मक वातावरण बन सके।
पर्यटन और जिले की छवि पर ध्यान
सवाई माधोपुर जैसे पर्यटन प्रधान जिले में एसपी का पद संभालते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल ही जिले की पहचान को मजबूत करता है। पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर समन्वय भी आवश्यक है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सकारात्मक अनुभव मिल सके।
प्रेरणादायक सफर: गुना से आईपीएस तक
मध्यप्रदेश के गुना जिले में जन्मी ज्येष्ठा मैत्रेयी का सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। उन्होंने इंजीनियरिंग के दौरान ही अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और एमपीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर डीएसपी बनीं। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखते हुए संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की और 2017 में 156वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनीं।
उनकी यह उपलब्धि आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वे विभिन्न मंचों पर युवाओं को सिविल सेवा की तैयारी के साथ-साथ जीवन मूल्यों और आत्मविश्वास का संदेश भी देती रही हैं।
सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन
सीआईडी सीबी से स्थानांतरित होकर आईं ज्येष्ठा मैत्रेयी अपराध नियंत्रण, साइबर क्राइम पर अंकुश और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके व्यक्तित्व की खास बात यह है कि वे सख्ती के साथ संवेदनशीलता का संतुलन बनाए रखती हैं।
गरीब और जरूरतमंदों की सहायता करना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जिससे उन्हें एक संवेदनशील और प्रभावी पुलिस अधिकारी के रूप में पहचान मिली है।
चुनौतियां और नई उम्मीदें
सवाई माधोपुर जिला कानून-व्यवस्था और पर्यटन दोनों दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में नई एसपी के सामने अवैध बजरी खनन, संगठित अपराध और अन्य चुनौतियों पर नियंत्रण पाना एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।


