मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से होती है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने गुरुवार को एक कड़े बयान में कहा कि युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लिया जाएगा और दुश्मनों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं होते और ईरान के खिलाफ हमले बंद नहीं होते, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखने की रणनीति जारी रहेगी।
इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और भी बढ़ गया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका असर दुनिया भर की तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है।
सरकारी टेलीविजन पर पढ़ा गया बयान
मोज्तबा खामेनेई का बयान गुरुवार 12 मार्च 2026 को ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया। हालांकि वह खुद कैमरे के सामने दिखाई नहीं दिए, लेकिन उनके संदेश को एक समाचार एंकर ने पढ़कर सुनाया। अपने संदेश में उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डे सक्रिय रहे तो उन पर हमले हो सकते हैं। उनका इशारा खास तौर पर खाड़ी देशों की ओर था, जहां अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार यदि ऐसा नहीं किया गया तो ईरान अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
खाड़ी देशों को भी चेतावनी
अपने बयान में ईरानी नेता ने खाड़ी क्षेत्र के देशों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिकी सेनाओं को अपने यहां ठहरने की अनुमति दे रहे हैं, उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
मोज्तबा खामेनेई ने कहा कि ईरान क्षेत्रीय देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने का समर्थक है, लेकिन यदि कोई देश ईरान के खिलाफ सैन्य गतिविधियों में सहयोग करता है तो उसे भी जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की नीति पड़ोसी देशों के साथ सहयोग की है, लेकिन क्षेत्र में विदेशी सैन्य मौजूदगी को लेकर तेहरान गंभीर चिंता रखता है।
रणनीतिक दबाव के तौर पर होर्मुज का इस्तेमाल
मोज्तबा खामेनेई ने अपने बयान में साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करना ईरान की रणनीतिक नीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि युद्ध की स्थिति में इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान को इस मार्ग को बंद रखने के विकल्प का इस्तेमाल जारी रखना चाहिए ताकि दुश्मनों को यह समझ में आ सके कि क्षेत्रीय संतुलन को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है और यहां से प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। इसलिए इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हर मौत का बदला लेने की कसम
अपने बयान में ईरानी नेता ने युद्ध में मारे गए लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि तेहरान अपने नागरिकों की मौत को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान हर मौत का बदला लेने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दक्षिणी ईरानी शहर मीनाब में हुए एक हमले का भी जिक्र किया। उनके अनुसार युद्ध के पहले ही दिन हुए मिसाइल हमले में वहां एक लड़कियों के स्कूल को गंभीर नुकसान पहुंचा था।मोज्तबा खामेनेई ने कहा कि देश के शहीदों का खून व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा और जो भी इस हमले के लिए जिम्मेदार है, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ी चिंता
ईरान की इस घोषणा के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है तो तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। दुनिया के कई बड़े ऊर्जा आयातक देश पहले ही इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
ईरान के ताजा बयान ने यह संकेत दिया है कि मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष फिलहाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की स्थिति और ज्यादा जटिल हो सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल सकता है।


