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राजस्थान में मानसून के बाद भी तूफानी बारिश, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मौसम में बड़ा बदलाव

राजस्थान में मानसून के बाद भी तूफानी बारिश, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मौसम में बड़ा बदलाव

मनीषा शर्मा।  राजस्थान से भले ही मानसून की औपचारिक विदाई हो चुकी हो, लेकिन मौसम का मिजाज अब भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने के कारण रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश का दौर देखने को मिला। कई इलाकों में तो मानसून जैसी तूफानी बारिश हुई, जिससे लोगों को अक्टूबर में भी भीगने का मौका मिला।

सुबह से शुरू हुई बारिश ने मचाया हड़कंप

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र, यानी सीकर, चुरू और झुंझुनू जिलों में रविवार सुबह से ही लगातार तीन घंटे तक बारिश होती रही। तेज बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात बाधित रहा। सीकर जिले में एक जगह बारिश के पानी में गाड़ी पलट गई, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि गाड़ी में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए।

श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल

सरहदी जिलों श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में सुबह करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। इसके साथ ही तीव्र बारिश हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। कई इलाकों में कपास, मूंगफली और बाजरे की फसलें गिर गईं या जलभराव के कारण सड़ने लगीं। किसानों ने बताया कि यह बारिश फसल कटाई के समय आई है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।

जयपुर, बीकानेर और नागौर में भी झमाझम

राजधानी जयपुर में रविवार सुबह तेज हवाओं और बिजली की गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई। बीकानेर, नागौर, अलवर और झुंझुनू जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। लोगों को सुबह-सुबह अचानक आई बारिश से एक ओर जहां राहत मिली, वहीं ट्रैफिक और जलभराव की समस्या से परेशानी भी झेलनी पड़ी। जयपुर के कई इलाकों में एक से डेढ़ घंटे तक लगातार वर्षा होती रही। सड़कों पर पानी भर गया और नालों से पानी उफनने लगा।

मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि 5 अक्टूबर की दोपहर बाद से ही वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो गया था। इसके प्रभाव से आज (6 अक्टूबर) प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।ऑरेंज अलर्ट वाले जिले – बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, चुरू, झुंझुनू, जयपुर, अलवर और नागौर। इन इलाकों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, भरतपुर, सवाई माधोपुर, करौली, दौसा, पाली, राजसमंद, उदयपुर, भीलवाड़ा, जालौर, सिरोही, जोधपुर और बांसवाड़ा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कहा कि इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी।

बारिश से मिली राहत भी, परेशानी भी

एक ओर जहां तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर भारी जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दीं। शेखावाटी और उत्तरी राजस्थान के कुछ इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं भी बाधित रहीं। कई इलाकों में लोग अक्टूबर में इस तरह की बारिश से हैरान हैं। आमतौर पर इस समय तक राजस्थान में मौसम शुष्क हो जाता है और फसल कटाई का दौर शुरू हो जाता है।

7 अक्टूबर को भी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, 7 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। पूर्वी राजस्थान के जिलों में बादल छाए रहेंगे और शाम तक कुछ जगहों पर मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, 8 अक्टूबर से बारिश का दौर धीरे-धीरे थमने लगेगा और मौसम सामान्य स्थिति में लौट आएगा।

अब बढ़ेगी सुबह-शाम की सर्दी

मौसम विभाग ने यह भी बताया कि बारिश के बाद अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। प्रदेश में सुबह और रात के समय गुलाबी सर्दी का असर बढ़ने लगेगा। जयपुर, सीकर, झुंझुनू और अलवर जिलों में न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जैसे-जैसे अक्टूबर का दूसरा सप्ताह आएगा, वैसे-वैसे सर्दी का असर और बढ़ेगा। दीपावली तक प्रदेश में सर्दी पूरी तरह दस्तक दे सकती है।

विशेषज्ञों का कहना

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेस्टर्न डिस्टरबेंस अपेक्षाकृत मजबूत स्वरूप में सक्रिय हुआ है, जिसके कारण यह प्रभाव उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों तक फैला।
राजस्थान के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भी इसका असर देखा गया। हालांकि 8 अक्टूबर के बाद से यह सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा और प्रदेश में शुष्क मौसम लौट आएगा।

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