शोभना शर्मा। राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम भारत भीषण गर्मी की चपेट में है। बुधवार को राज्य के श्रीगंगानगर में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस दिन देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया तापमान था। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में भी लू का प्रकोप जारी रहने की संभावना है, खासकर 12 और 13 जून को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान 48 डिग्री के पार जा सकता है।
राजस्थान बना गर्मी का केंद्र
राज्य के अन्य हिस्सों में भी भीषण लू का असर देखा जा रहा है। बुधवार को राजस्थान के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर रहा। चित्तौड़गढ़ में 45.7 डिग्री, चूरू और फलौदी में 45.8 डिग्री, जबकि राजधानी जयपुर में तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
देश के अन्य हिस्सों में भीषण गर्मी का असर महसूस किया गया है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्यप्रदेश के कम से कम 22 स्थानों पर अधिकतम तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक रहा।
लू के कारणों की पड़ताल
मौसम विभाग के अनुसार, मई महीने में मानसून की जल्दी दस्तक और गरज-चमक के साथ हुई बारिश के कारण सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया था। लेकिन जून की शुरुआत से ही बारिश की कमी ने तापमान को तेजी से बढ़ाया है। 8 और 9 जून के बाद से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकतर हिस्सों में लू की स्थिति बन गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अपर एयर सर्कुलेशन और पृथ्वी की सतह पर उच्च दाब क्षेत्र इस गर्मी की तीव्रता को बढ़ा रहे हैं। यह मौसमी प्रभाव तब तक बना रहेगा जब तक किसी बड़े पैमाने पर नमी या मानसून गतिविधियों की शुरुआत नहीं हो जाती।
राहत की उम्मीद: 14 जून से हल्की बारिश संभव
भीषण गर्मी और लू के इस दौर के बीच मौसम विभाग ने 14 और 15 जून से आंधी, मेघगर्जन और हल्की बारिश की संभावना जताई है। यह गतिविधियां राजस्थान के कुछ हिस्सों में शुरू हो सकती हैं, जो 17 से 20 जून के बीच तेज हो सकती हैं। इस दौरान पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने की उम्मीद है।
हालांकि यह बारिश सीमित क्षेत्र तक होगी, लेकिन इससे तापमान में थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है। फिर भी विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि आमजन अभी भी धूप से बचाव, जल सेवन बढ़ाने और बाहरी गतिविधियों को सीमित करने जैसी सावधानियां बरतें।
गर्मी से जनजीवन प्रभावित
भीषण गर्मी के चलते सड़कें सूनी, बाजारों में आवाजाही कम और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ने लगे हैं। स्कूलों में छुट्टियां घोषित की जा चुकी हैं और प्रशासन ने हीट अलर्ट जारी कर रखा है। खासतौर से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


