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Zoho के अरट्टई ऐप में बड़े अपडेट की तैयारी, श्रीधर वेंबू ने दिए संकेत

Zoho के अरट्टई ऐप में बड़े अपडेट की तैयारी, श्रीधर वेंबू ने दिए संकेत

मनीषा शर्मा । भारत में बने इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप अरट्टई को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। Zoho के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेंबू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अरट्टई के लिए अहम अपडेट की जानकारी दी है। वेंबू के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि कंपनी इस ऐप को लेकर अभी पीछे हटने के मूड में नहीं है, बल्कि इसे और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

अरट्टई को भारत का देसी इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप माना जाता है और इसकी तुलना अक्सर व्हाट्सऐप से की जाती है। हालांकि यूजर बेस के मामले में यह अभी व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल से काफी पीछे है, लेकिन Zoho इसे लंबे समय की रणनीति के तहत आगे बढ़ा रहा है।

एक्स पर यूजर के सवाल से शुरू हुई चर्चा

दरअसल, एक्स प्लेटफॉर्म पर एक यूजर Shakrajit ने श्रीधर वेंबू को टैग करते हुए सवाल पूछा था कि अरट्टई ऐप को लेकर आजकल ज्यादा चर्चा क्यों नहीं हो रही है। इस सवाल के जवाब में वेंबू ने खुलकर बताया कि उनकी टीम ऐप के लिए कई बड़े और जरूरी फीचर्स पर काम कर रही है।

वेंबू ने अपने जवाब में साफ किया कि कंपनी हर हफ्ते अरट्टई को अपडेट कर रही है, लेकिन फिलहाल फोकस प्रचार से ज्यादा प्रोडक्ट को बेहतर बनाने पर है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जब टीम को लगेगा कि ऐप के फीचर्स पूरी तरह संतोषजनक हो गए हैं, तभी बड़े पैमाने पर इसकी मार्केटिंग शुरू की जाएगी।

“यह एक मैराथन है”, वेंबू का स्पष्ट संदेश

श्रीधर वेंबू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उनकी टीम लगातार साप्ताहिक अपडेट पर काम कर रही है और कुछ बेहद जरूरी फीचर्स को फाइनल करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि यह सफर किसी स्प्रिंट की तरह नहीं, बल्कि एक मैराथन की तरह है और Zoho इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

वेंबू का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि कंपनी अरट्टई को शॉर्ट टर्म प्रोजेक्ट के तौर पर नहीं देख रही, बल्कि इसे लंबे समय में एक मजबूत और भरोसेमंद मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना चाहती है।

COVID-19 लॉकडाउन के दौरान हुई थी अरट्टई की शुरुआत

अरट्टई ऐप को Zoho की टीम ने भारत में COVID-19 लॉकडाउन के दौरान लॉन्च किया था। उस समय डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही थी और विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के विकल्प के तौर पर एक भारतीय प्लेटफॉर्म की जरूरत महसूस की जा रही थी।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए अरट्टई को एक सुरक्षित और प्राइवेसी-फोकस्ड मैसेजिंग ऐप के रूप में पेश किया गया। शुरुआत में इसका लक्ष्य सरकारी संस्थानों, एंटरप्राइज यूजर्स और उन लोगों को जोड़ना था, जो डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।

अरट्टई में पहले से मौजूद फीचर्स

समय के साथ अरट्टई में कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए, जो यूजर्स पहले से व्हाट्सऐप जैसे लोकप्रिय ऐप्स में इस्तेमाल करते आ रहे हैं। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड वन-ऑन-वन और ग्रुप चैट की सुविधा दी गई है। इसके अलावा वॉयस और वीडियो कॉलिंग, फोटो और वीडियो शेयरिंग, कॉन्टैक्ट सिंक और क्लाउड बैकअप जैसे फीचर्स भी मौजूद हैं।

अरट्टई में गायब होने वाले मैसेज यानी डिसअपीयरिंग मैसेज का विकल्प भी दिया गया है, जिससे यूजर अपनी प्राइवेसी पर ज्यादा कंट्रोल रख सकते हैं।

हाल के अपडेट और Zoho इकोसिस्टम से इंटीग्रेशन

हाल ही में अरट्टई में कुछ अहम अपडेट्स भी देखने को मिले हैं। इनमें मल्टी-डिवाइस लॉगिन की सुविधा शामिल है, जिससे यूजर एक से ज्यादा डिवाइस पर एक ही अकाउंट इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही कस्टम थीम्स का विकल्प भी जोड़ा गया है, जिससे यूजर ऐप को अपने हिसाब से पर्सनलाइज कर सकते हैं।

Zoho के इकोसिस्टम के साथ बेहतर इंटीग्रेशन भी अरट्टई की एक बड़ी खासियत बनकर उभर रही है। Zoho के अन्य प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह ऐप ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है।

व्हाट्सऐप को चुनौती, लेकिन राह अभी लंबी

हालांकि इतने फीचर्स के बावजूद अरट्टई का यूजर बेस अभी सीमित है। व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप्स के मुकाबले इसकी पहुंच काफी कम है। इसकी एक बड़ी वजह यह भी मानी जाती है कि Zoho ने अब तक अरट्टई का आक्रामक मार्केटिंग अभियान नहीं चलाया है।

श्रीधर वेंबू के ताजा बयान से यह साफ है कि कंपनी पहले प्रोडक्ट को परफेक्ट बनाना चाहती है और उसके बाद ही बड़े स्तर पर प्रचार करेगी। अगर आने वाले अपडेट्स में वाकई ऐसे फीचर्स आते हैं, जो यूजर्स को अलग अनुभव दें, तो अरट्टई भारतीय मैसेजिंग ऐप के रूप में एक मजबूत विकल्प बन सकता है।

भविष्य की रणनीति पर टिकी निगाहें

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अरट्टई में कौन से नए फीचर्स जोड़े जाएंगे और Zoho इसे किस तरह से आम यूजर्स तक पहुंचाएगा। श्रीधर वेंबू के संकेतों से इतना जरूर साफ है कि कंपनी इस ऐप को लेकर गंभीर है और इसे लंबी दौड़ का खिलाड़ी बनाने की तैयारी में है।

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