शोभना शर्मा, अजमेर। ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस की राजस्थान यूनिट द्वारा विश्वविख्यात हकीम अजमल खान की उल्लेखनीय उपलब्धियों और योगदान को आमजन तक पहुँचाने के लिए 22 सितंबर 2024 को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला “हकीम अजमल खान का जीवन एवं उनकी सेवाएं” विषय पर आधारित होगी, जिसका आयोजन सूचना केंद्र अजमेर में सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा।
हकीम अजमल खान का जीवन और योगदान
हकीम अजमल खान एक प्रख्यात यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सक थे, जिन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। उनकी सेवाएं न केवल चिकित्सा तक सीमित रहीं, बल्कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. मंसूर अली, जो ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस की राजस्थान इकाई के सचिव हैं, ने बताया कि हकीम अजमल खान ने न केवल यूनानी चिकित्सा को बढ़ावा दिया, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता के क्षेत्र में भी उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके द्वारा दिल्ली में स्थापित किया गया यूनानी मेडिकल कॉलेज भारत का पहला यूनानी चिकित्सा संस्थान माना जाता है। इसके अतिरिक्त, वह भारतीय राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण नाम थे और हिंदू महासभा के 1921 में आयोजित अधिवेशन की अध्यक्षता करने वाले एकमात्र मुस्लिम व्यक्ति रहे हैं।
कार्यशाला के अतिथि और वक्ता
इस कार्यशाला में देशभर से अनेक गणमान्य व्यक्तियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति देखने को मिलेगी। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद, आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के उप कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति, अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनीता भदेल, पुष्कर के पूर्व विधायक गोपाल बाहेती, अजमेर जिला शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विजय जैन और अंजुमन सैयद जादगांन दरगाह ख्वाजा साहब के अध्यक्ष अलहाज सैयद गुलाम किबरिया मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यशाला में शिरकत करेंगे।
कार्यशाला में हकीम अजमल खान के जीवन और उनके चिकित्सा क्षेत्र में योगदान पर विशेष चर्चा की जाएगी। प्रोफेसर सैयद मोहम्मद आरिफ जैदी और प्रोफेसर मोहम्मद इदरीस मुख्य वक्ता होंगे, जो हकीम अजमल खान के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। इस कार्यशाला का संचालन डॉ. सैयद मुजीब करेंगे, जो एक अनुभवी आयोजक हैं।
संस्था के प्रमुख सदस्य
इस कार्यक्रम में ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुश्ताक साहब, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सैयद अहमद खान, हकीम नसर, डॉ. साजिद निसार, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महमूद हसन, राजस्थान यूनानी मेडिकल कॉलेज के सचिव डॉ. परवेज अख्तर वारसी भी प्रमुख रूप से भाग लेंगे। इसके साथ ही तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली और अन्य राज्यों से भी यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र से जुड़े हकीम शामिल होंगे।
कार्यशाला के संयोजक और आयोजन समिति
इस कार्यशाला के संयोजक के रूप में डॉ. नवाजुल हक और डॉ. सैयद मंसूर अली को नियुक्त किया गया है। डॉ. मंसूर अली ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य हकीम अजमल खान के योगदान को समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाना है, ताकि लोग उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें और यूनानी चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ सके। इस कार्यशाला के माध्यम से हकीम अजमल खान के जीवन के विभिन्न पहलुओं, उनके द्वारा स्थापित संस्थानों, और उनके समाज सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में किए गए योगदान पर विशेष चर्चा की जाएगी। इस आयोजन से यूनानी चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही हकीम अजमल खान की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
इस कार्यशाला में भाग लेने वाले चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को हकीम अजमल खान की चिकित्सा पद्धतियों और उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। यह कार्यशाला विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जो यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में रुचि रखते हैं और इस विधा को गहराई से समझना चाहते हैं।


