latest-newsजयपुरराजस्थान

जन्माष्टमी पर गोविंद देवजी मंदिर में विशेष तैयारियां और सख्त प्रवेश नियम

जन्माष्टमी पर गोविंद देवजी मंदिर में विशेष तैयारियां और सख्त प्रवेश नियम

मनीषा शर्मा।  जयपुर का ऐतिहासिक गोविंद देवजी मंदिर इस बार जन्माष्टमी 2025 के अवसर पर भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम बनने जा रहा है। 16 अगस्त को यहां जन्माष्टमी महोत्सव अत्यंत उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसके लिए मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर विशेष तैयारियां की हैं। मंदिर परिसर को सजाने से लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था तक, हर पहलू पर बारीकी से काम किया गया है। मंदिर प्रशासन ने इस बार विशेष रूप से भारतीय परिधान में ही श्रद्धालुओं को प्रवेश देने का नियम बनाया है। साथ ही हृदय रोगी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और सांस की तकलीफ वाले मरीजों को स्वास्थ्य कारणों से मंदिर आने से परहेज करने की सलाह दी गई है।

जन्माष्टमी के दिन भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन लाभ दिलाने के लिए दर्शन पास और जगमोहन दर्शन पास की व्यवस्था की गई है। ये पास सुबह 4:30 बजे से शाम 7 बजे तक ही मान्य रहेंगे। मंदिर प्रशासन की तैयारियों के अंतर्गत पूरे परिसर को पारंपरिक बांदरवाल से सजाया गया है और विशेष रोशनी की गई है। 31 जुलाई से ही मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें विभिन्न मंडलियां प्रतिदिन भजन-कीर्तन और बधाई कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही हैं।

16 अगस्त की रात को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रात 10 बजे से 11 बजे तक श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा का पाठ गोविंद जी मिश्र करेंगे। ठीक मध्यरात्रि 12 बजे ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक होगा, जिसके दौरान 31 तोपों की हवाई गर्जना और भव्य आतिशबाजी की जाएगी। ठाकुर श्रीजी को नवीन पीत वस्त्र धारण कराए जाएंगे और विशेष अलंकारों से सजाया जाएगा। साथ ही फूलों का विशेष श्रृंगार भी होगा, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में रंग जाएगा।

अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो शक्कर बूरा और 11 किलो शहद का उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर छह वेदपाठी पंडित वेद पाठ करेंगे और श्री शालिग्राम पूजन होगा। अभिषेक के बाद पंजीरी लड्डू, खिटसा और रबड़ी कुल्हड़ का भोग ठाकुर जी को अर्पित किया जाएगा। इसके पश्चात जय निवास बाग स्थित चरणामृत वितरण मंच से सभी भक्तों को निशुल्क चरणामृत और पंजीरी वितरित की जाएगी।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और प्रबंधन के लिए हजारों की संख्या में वॉलंटियर्स और पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। लगभग 3,000 कार्यकर्ता सुबह मंगला झांकी से लेकर अभिषेक समाप्त होने तक सेवा में लगे रहेंगे। इसके अलावा 150 स्काउट भी व्यवस्था में सहयोग करेंगे। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 13 एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी ताकि जो श्रद्धालु मुख्य गर्भगृह तक न पहुंच पाएं, वे भी लाइव दर्शन का लाभ उठा सकें। सुरक्षा के मद्देनजर 8 से 10 मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।

भीड़ नियंत्रण के लिए 15 अगस्त को मंदिर छावण क्षेत्र में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा। दर्शन के लिए प्रवेश मार्ग भी निश्चित किए गए हैं। जलेब चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु गेट नंबर 1 से प्रवेश कर मंदिर के बाहर बने दर्शन रैंप से ठाकुर जी के दर्शन करेंगे और फिर गेट नंबर 2 से बाहर निकलेंगे। ब्रहमपुरी और कंचन नगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु गेट नंबर 7 से प्रवेश करेंगे और गेट नंबर 6 से बाहर निकलेंगे। दक्षिण-चंपल चौक मार्ग पर विशेष स्थिति के कारण कोई आवागमन नहीं होगा।

शारीरिक रूप से असमर्थ, बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे श्रद्धालु, जिनके पास विकलांगता कार्ड, गंभीर बीमारी का मेडिकल प्रमाण पत्र या 80 वर्ष से अधिक आयु का प्रमाण पत्र होगा, वे मंदिर के पास बने विशेष रैंप से प्रवेश कर सकेंगे। दर्शन के बाद उन्हें भी निर्धारित मार्ग से बाहर निकलना होगा।

गोविंद देवजी मंदिर के अलावा, श्री राधा माधव जी, नटवर जी, कुंज बिहारी जी, श्री गोपाल जी नागा, श्री गोपाल जी तालाब, श्री मुरली मनोहर जी और श्री गोपाल जी टोपाड़ा में भी 16 अगस्त को जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इन सभी मंदिरों में भी विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे पूरा जयपुर भक्ति और उत्सव की भावना में डूब जाएगा।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading