मनीषा शर्मा। सूर्यनगरी के नाम से प्रसिद्ध जोधपुर की तपती गर्मी में अब मरीजों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। शहर के समाजसेवी नरेश सुराणा ने अपने माता-पिता लालचंद सुराणा और सरदार कंवर की स्मृति में महात्मा गांधी अस्पताल को 83 एयर कंडीशनर दान किए हैं। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब जोधपुर में गर्मियों के दौरान तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। इस दान से अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और तीमारदारों को गर्मी के मौसम में ठंडी हवा की सुविधा मिल सकेगी, जिससे उपचार के दौरान उन्हें अधिक आरामदायक वातावरण उपलब्ध होगा।
माता-पिता की स्मृति में समर्पित योगदान
नरेश सुराणा ने यह योगदान अपने माता-पिता की स्मृति को समर्पित करते हुए किया है। उन्होंने बताया कि समाज और विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों को सहयोग देना प्रत्येक सक्षम नागरिक का दायित्व होना चाहिए। उनका मानना है कि अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सीधे तौर पर मानव सेवा से जुड़ा कार्य है। इस अवसर पर सुराणा परिवार की नई पीढ़ी की सहभागिता भी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उनकी पोती तनीषा भी उपस्थित रहीं, जिसने इस सामाजिक पहल को पारिवारिक संस्कारों की निरंतरता का प्रतीक बना दिया।
अस्पताल प्रशासन ने जताया आभार
अस्पताल अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह ने इस योगदान को गर्मी के मौसम में मरीजों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि जोधपुर की भीषण गर्मी में सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अक्सर अत्यधिक तापमान की समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसे में 83 एयर कंडीशनर की व्यवस्था मरीजों को राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ. महेंद्र टाक और डॉ. हेमंत जैन ने भी सुराणा परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में इतनी बड़ी संख्या में एसी दान करना प्रेरणादायक है और यह समाज के अन्य सक्षम लोगों को भी आगे आने का संदेश देता है।
सरकारी अस्पतालों के लिए प्रेरक पहल
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यदि समाज के जागरूक और सक्षम लोग इसी प्रकार सहयोग करते रहें, तो सरकारी अस्पतालों में भी निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। यह पहल न केवल भौतिक सुविधाओं में सुधार लाएगी, बल्कि मरीजों के मनोबल और संतुष्टि को भी बढ़ाएगी।
जोधपुर जैसे शहर में, जहां गर्मियों में लू का प्रकोप गंभीर रूप ले लेता है, वहां अस्पतालों में वातानुकूलन की बेहतर व्यवस्था उपचार प्रक्रिया को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। अत्यधिक गर्मी कई बार मरीजों की हालत को और बिगाड़ सकती है, ऐसे में यह दान स्वास्थ्य सेवाओं के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
सेवा भावना का सशक्त उदाहरण
नरेश सुराणा और उनके परिवार की यह पहल समाजसेवा की जीवंत मिसाल के रूप में सामने आई है। इस योगदान ने यह साबित किया है कि सेवा भावना आज भी समाज में जीवित है और सामूहिक प्रयासों से सार्वजनिक संस्थानों को सशक्त बनाया जा सकता है।
जोधपुर में 83 एयर कंडीशनर का यह दान न केवल गर्मी से राहत देगा, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को भी मजबूत करेगा। यह कदम अन्य समाजसेवियों और उद्योगपतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है, ताकि वे भी सार्वजनिक हित में आगे आकर योगदान दें और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहभागी बनें।


