मनीषा शर्मा,अजमेर। ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति (गुरु) को ज्ञान, धन, भाग्य और धर्म का कारक माना गया है। जब गुरु किसी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उसका असर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर गहरा पड़ता है। इस वर्ष गुरु 13 अगस्त 2025, बुधवार की सुबह 5:03 बजे आर्द्रा नक्षत्र से निकलकर पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। पुनर्वसु नक्षत्र स्वयं गुरु के स्वामित्व में है, इसलिए यह परिवर्तन विशेष महत्व रखता है। ज्योतिषाचार्य आनंद कुमार शर्मा के अनुसार पुनर्वसु नक्षत्र को शुभ कार्यों, पुनर्निर्माण, नई शुरुआत और सृजनात्मकता का प्रतीक माना जाता है। गुरु का अपने ही नक्षत्र में गोचर जीवन के मानसिक, आध्यात्मिक और भौतिक तीनों स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यह समय पुराने संघर्षों से उबरकर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का अवसर देता है।
मेष राशि
गुरु का यह गोचर आपके अधूरे काम पूरे करने में मदद करेगा। शिक्षा, यात्रा और सामाजिक जुड़ाव के अवसर बढ़ेंगे। गुरुजनों और अनुभवी लोगों से नई सीख प्राप्त होगी, जिससे व्यक्तिगत विकास होगा।
वृषभ राशि
आर्थिक स्थिति में सुधार के योग हैं। बचत बढ़ेगी और परिवार से सहयोग मिलेगा। पैतृक संपत्ति से लाभ तथा लोन या निवेश योजनाओं में सफलता मिल सकती है। वित्तीय स्थिरता का यह समय लंबी अवधि तक असर डालेगा।
मिथुन राशि
यह गोचर आपके भीतर आत्ममंथन की प्रवृत्ति लाएगा। पुराने रिश्तों का पुनर्मूल्यांकन होगा और विचारों को नई दिशा मिलेगी। खुद को समझने और जीवन के लक्ष्यों को स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा।
कर्क राशि
भावनात्मक रूप से गहरे पहलुओं को समझने का समय है। पुराने मतभेद सुलझेंगे और मानसिक शांति बढ़ेगी। भावनात्मक शुद्धिकरण के साथ मानसिक मजबूती का विकास होगा, जिससे आप बेहतर निर्णय ले सकेंगे।
सिंह राशि
विदेशी संपर्क और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर बढ़ेंगे। दृष्टिकोण में लचीलापन आएगा, जिससे व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंध मजबूत होंगे। नेटवर्किंग के जरिए नए अवसर प्राप्त होंगे।
कन्या राशि
पुराने अधूरे प्रोजेक्ट पूरे होंगे। मेहनत का उचित फल मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में स्थिरता आएगी, हालांकि तनाव से बचने के लिए समय प्रबंधन आवश्यक होगा।
तुला राशि
नई योजनाओं पर काम शुरू होगा। रचनात्मक विचारों को उड़ान मिलेगी। मान-सम्मान और आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। लोग आपकी बातों और सुझावों को गंभीरता से लेंगे, जिससे आपका प्रभाव बढ़ेगा।
वृश्चिक राशि
घर-परिवार में विस्तार के संकेत हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में जुड़ने का अवसर मिलेगा। संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझेंगे। पुराने रिश्तों में सुधार होगा और पारिवारिक एकजुटता बढ़ेगी।
धनु राशि
तरक्की और नए अवसर मिलेंगे। उच्च अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर होंगे। लेखन, दर्शन और रिसर्च से जुड़े कार्यों में सफलता के योग हैं। यह समय बौद्धिक विकास और पेशेवर प्रगति का है।
मकर राशि
मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पैतृक संपत्ति से लाभ और अचानक धन लाभ के योग हैं। नए मित्र और प्रभावशाली संपर्क बनेंगे, जो आगे चलकर लाभदायक होंगे।
कुंभ राशि
विवाह, साझेदारी और कारोबार में विस्तार होगा। सामाजिक कार्यों और परोपकार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह समय साझेदारी के लिए अनुकूल है, जिससे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन बनेगा।
मीन राशि
स्वास्थ्य में सुधार होगा और दैनिक कार्यों में गति आएगी। योग और मेडिटेशन में रुचि बढ़ेगी। कानूनी मामलों में राहत मिलेगी और विरोधियों के साथ संबंध सुधरेंगे।
ज्योतिषीय महत्व
गुरु का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश सभी राशियों के लिए शुभ संकेत लाता है। यह नक्षत्र नई शुरुआत, आत्मविश्वास और सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यदि व्यक्ति इस समय अपने प्रयासों को निरंतर बनाए रखता है, तो उसे लंबे समय तक लाभ प्राप्त होगा।


