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SI भर्ती पेपर लीक मामला: 24 नवंबर से हाईकोर्ट में फाइनल सुनवाई

SI भर्ती पेपर लीक मामला: 24 नवंबर से हाईकोर्ट में फाइनल सुनवाई

मनीषा शर्मा। राजस्थान में बहुचर्चित Rajasthan SI Recruitment 2021 Paper Leak Case में अब निर्णायक सुनवाई की दिशा में कदम बढ़ गया है। Rajasthan High Court की डिवीजन बेंच ने 24 नवंबर से इस मामले की फाइनल सुनवाई की तारीख तय कर दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा की खंडपीठ ने सभी पक्षकारों को निर्देश दिया है कि वे सुनवाई से पहले अपनी लिखित बहस अदालत में प्रस्तुत करें।

यह मामला राजस्थान में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था पर जनता के भरोसे से जुड़ा हुआ है। गौरतलब है कि इस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक होने के आरोपों के बाद मामला अदालत तक पहुंचा था और एकलपीठ ने भर्ती को रद्द कर दिया था। अब इसी आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर अंतिम बहस होने जा रही है।

एकलपीठ के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई शुरू

इस मामले में एकलपीठ द्वारा एसआई भर्ती को रद्द करने के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई थी। डिवीजन बेंच ने बुधवार को इस अपील पर अगली फाइनल सुनवाई की तारीख तय करते हुए सभी पक्षों को लिखित बहस दायर करने के निर्देश दिए। यह सुनवाई 24 नवंबर से शुरू होगी और उम्मीद की जा रही है कि अदालत इस मामले में जल्द निर्णय देगी।

चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लाने की मांग

आज की कार्यवाही में मूल याचिकाकर्ता के वकील हरेन्द्र नील ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए Rajasthan Public Service Commission (RPSC) के पूर्व सदस्यों और दलालों के खिलाफ दायर चार्जशीट को भी अदालत के रिकॉर्ड में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि यह चार्जशीट पहले एकलपीठ में सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड पर नहीं थी, लेकिन अब फाइनल सुनवाई से पहले इसे रिकॉर्ड में शामिल किया जाना आवश्यक है ताकि अदालत को समग्र दृष्टिकोण मिल सके। अदालत ने इस प्रार्थना-पत्र की कॉपी महाधिवक्ता को सौंपने और फाइनल सुनवाई के समय इसे तय करने के निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए तीन महीने में सुनवाई पूरी करने के निर्देश

यह मामला केवल हाईकोर्ट तक सीमित नहीं रहा। मूल याचिकाकर्ता डिवीजन बेंच के आदेश के खिलाफ Supreme Court of India पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह तीन महीने के भीतर अपील की सुनवाई पूरी करे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि मामले में कोई अनावश्यक देरी न की जाए क्योंकि यह भर्ती हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

एकलपीठ ने भर्ती रद्द की, डिवीजन बेंच ने लगाई रोक

इससे पहले Rajasthan High Court की एकलपीठ ने 28 अगस्त को एसआई भर्ती-2021 को पेपर लीक प्रकरण के कारण रद्द कर दिया था। इसके खिलाफ ट्रेनी एसआई उम्मीदवारों ने अपील दायर की थी। डिवीजन बेंच ने 8 सितंबर को एकलपीठ के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी और ट्रेनी एसआई को फील्ड ट्रेनिंग जारी रखने की अनुमति दे दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए और हाईकोर्ट से तीन महीने में सुनवाई पूरी करने को कहा। अब 24 नवंबर से होने वाली सुनवाई में इस पर अंतिम निर्णय की दिशा तय होगी।

मंजू शर्मा की अपील भी जोड़ी गई

इस मामले में एक और अहम पहलू यह है कि हाईकोर्ट ने Manju Sharma पर भी गंभीर टिप्पणियां की थीं। वह आरपीएससी की पूर्व सदस्य हैं। उन्होंने इन टिप्पणियों को हटाने की मांग करते हुए अपील दायर की। अदालत ने बुधवार को मंजू शर्मा की अपील को भी इसी मामले के साथ टैग कर दिया है ताकि सभी पहलुओं पर एक साथ सुनवाई हो सके। मंजू शर्मा ने अपनी अपील में कहा कि उन्हें इस याचिका में न तो पक्षकार बनाया गया था और न ही अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। इसके बावजूद उनके खिलाफ कठोर टिप्पणियां की गईं, जो अनुचित हैं। गौरतलब है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ के फैसले के बाद उन्होंने 1 सितंबर 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे 15 सितंबर को राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया।

पेपर लीक मामले की पृष्ठभूमि

Rajasthan Public Service Commission द्वारा आयोजित SI भर्ती परीक्षा-2021 में बड़े पैमाने पर पेपर लीक का आरोप सामने आया था। जांच में कई अधिकारियों, दलालों और मध्यस्थों की संलिप्तता के आरोप लगे। कई गिरफ्तारियां भी हुईं। इस मामले ने न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए बल्कि पूरे राज्य में युवाओं के बीच भारी आक्रोश भी पैदा किया। पेपर लीक की वजह से कई प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी अविश्वास की स्थिति बनी।

न्यायिक प्रक्रिया का अहम चरण

अब जब डिवीजन बेंच ने फाइनल सुनवाई की तारीख तय कर दी है, तो यह मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के सामने एक ओर युवाओं का भविष्य दांव पर है तो दूसरी ओर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने की चुनौती भी। फाइनल सुनवाई में सभी पक्षों — याचिकाकर्ता, राज्य सरकार, ट्रेनी एसआई उम्मीदवारों और आरपीएससी — को अपनी बात विस्तार से रखने का अवसर मिलेगा। इसके बाद ही अदालत यह तय करेगी कि एकलपीठ का भर्ती रद्द करने का फैसला बरकरार रहेगा या डिवीजन बेंच इसे पलट देगी।

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