राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 से जुड़े पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में SOG ने एक और बड़े आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी एक बार फिर साबित करती है कि राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाला नेटवर्क बेहद गहरा, संगठित और सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। SI भर्ती पेपर लीक मामले में अब तक 300 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन जांच के दौरान नए नाम लगातार सामने आ रहे हैं।
डमी कैंडिडेट बैठाकर कराई गई परीक्षा पास
SOG की जांच में सामने आया है कि SI भर्ती परीक्षा 2021 में चयनित अभ्यर्थी डालूराम मीणा के स्थान पर डमी कैंडिडेट को परीक्षा में बैठाया गया था। जांच के अनुसार, हरसनराम देवासी को असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा में बैठाया गया और धोखाधड़ी के जरिए डालूराम मीणा का अंतिम चयन कराया गया। यह पूरा खेल एक संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दिया गया, जिसमें कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं मुख्य आरोपी
इस मामले में जयपुर में प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच की गई थी। जांच के दौरान डालूराम मीणा, डमी अभ्यर्थी हरसनराम देवासी और अन्य सहयोगी उम्मेद सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। SOG की टीम लंबे समय से इस मामले में फरार चल रहे एक अहम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।
जालोर निवासी सेकंड ग्रेड टीचर गिरफ्तार
अब SOG ने इस मामले में वांछित आरोपी सुनील कुमार बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सुनील कुमार जालोर जिले का निवासी है और वर्तमान में निलंबित द्वितीय श्रेणी अध्यापक है। SOG की कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। SOG उससे गहन पूछताछ कर रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
PTI टीचर भर्ती में भी निभा चुका है भूमिका
SOG के अनुसार, सुनील कुमार बिश्नोई का नाम इससे पहले भी सामने आ चुका है। वह शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 के एक मामले में भी गिरफ्तार हो चुका है। उस प्रकरण में उस पर डमी कैंडिडेट उपलब्ध कराने के बदले मोटी रकम लेने का आरोप था। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में धांधली के नेटवर्क का हिस्सा रहा है।
पेपर लीक मास्टरमाइंड से जुड़े होने के सबूत
जांच में यह भी सामने आया है कि सुनील कुमार के संबंध कुख्यात पेपर लीक मास्टरमाइंड पोरब कालेर से थे। पोरब कालेर पर ब्लूटूथ गैंग और स्पाई कैमरों के जरिए कई भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक कराने के गंभीर आरोप हैं। SOG को आशंका है कि पूछताछ के दौरान इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
भर्ती प्रणाली पर फिर उठे सवाल
SI भर्ती पेपर लीक 2021 का यह मामला एक बार फिर राजस्थान की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बावजूद नए आरोपियों का सामने आना यह दर्शाता है कि पेपर लीक नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं। SOG का कहना है कि जब तक इस गिरोह की पूरी श्रृंखला उजागर नहीं हो जाती, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।


