मनीषा शर्मा, अजमेर। जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में स्थापित स्पीकर हेल्प डेस्क ने गंभीर श्रेणी के मरीजों के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभानी शुरू कर दी है। यह हेल्प डेस्क राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल पर एक साल पहले शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य गंभीर रोगियों को “गोल्डन रिस्पांस टाइम” में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। अब तक इस डेस्क के माध्यम से 5000 से अधिक मरीजों को समय पर उपचार मिला है। इनमें कई मरीज ऐसे थे जिन्हें आपातकालीन अवस्था में अस्पताल लाया गया था, और उचित समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकी। इस सुविधा का लाभ न केवल अजमेर शहर के नागरिकों को, बल्कि अजमेर संभाग के चारों जिलों से आने वाले मरीजों को भी मिल रहा है।
गोल्डन टाइम में त्वरित उपचार से बच रही जानें
गंभीर बीमारी, दुर्घटना या हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए समय का विशेष महत्व होता है। चिकित्सा विज्ञान इसे “गोल्डन आवर” या “गोल्डन रिस्पांस टाइम” कहता है। इस अवधारणा को आधार बनाकर स्पीकर हेल्प डेस्क को तैयार किया गया है। इस डेस्क पर या WhatsApp के माध्यम से सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन मरीज की सहायता प्रक्रिया तुरंत शुरू कर देता है। रिस्पांस टाइम कुछ ही मिनटों में सिमट गया है, जिससे मरीज के इलाज में देरी नहीं होती और उसे प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा मिलती है।
हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली
स्पीकर हेल्प डेस्क जेएलएन अस्पताल की आपातकालीन इकाई में 24×7 कार्यरत है। यहां तैनात स्टाफ सूचना मिलते ही मरीज या परिजनों की सहायता करना शुरू कर देता है।
अगर मरीज सामान्य है तो उसे ओपीडी के माध्यम से संबंधित डॉक्टर तक पहुंचाया जाता है।
यदि मरीज गंभीर है, तो उसे सीधे आपातकालीन विभाग में भर्ती कर विशेषज्ञों को सूचित किया जाता है।
मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही चिकित्सकीय तैयारी शुरू कर दी जाती है ताकि कोई समय न गंवाया जाए।
वासुदेव देवनानी ने एक विशेष WhatsApp ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और प्रशासनिक अधिकारी जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप के माध्यम से किसी भी समय सूचना मिलने पर तुरंत अस्पताल से संपर्क किया जाता है और मरीज की सहायता की जाती है।
अस्पताल में उपलब्ध प्रमुख चिकित्सा सेवाएं
जेएलएन अस्पताल में विभिन्न विभागों के माध्यम से संपूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जैसे:
हृदय रोग, मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक, जनरल सर्जरी
टीबी चेस्ट, नेत्र रोग, शिशु रोग, प्लास्टिक सर्जरी
न्यूरो सर्जरी, मनोरोग, कान-नाक-गला, एनेस्थीसिया
गेस्ट्रोलॉजी, रेडियो थैरेपी, ब्लड बैंक, माइक्रो बायोलॉजी
पीडियाट्रिक बायो केमेस्ट्री, फॉरेंसिक मेडिसिन
इन सभी विभागों से हेल्प डेस्क का समन्वय बना रहता है ताकि मरीज को तुरंत सही दिशा में चिकित्सा मिले।
विधानसभा अध्यक्ष ने किया निरीक्षण
रविवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने खुद जेएलएन अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैनात स्टाफ से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली और डॉक्टरों की उपलब्धता, जांच प्रक्रिया और दवाओं की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अस्पताल को राज्य का आदर्श चिकित्सा केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट किया कि स्पीकर हेल्प डेस्क जैसी व्यवस्था पूरे प्रदेश में पहली बार अजमेर में लागू की गई है, जो भविष्य में अन्य अस्पतालों के लिए उदाहरण बन सकती है।


