शोभना शर्मा। राजस्थान के डीडवाना जिले में जबरन धर्म परिवर्तन का एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। आरोप है कि गरीब, पिछड़े और कम शिक्षित वर्ग के लोगों को बहला-फुसलाकर तथा मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। इस मामले में डीडवाना पुलिस ने लालचंद डेविड नामक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर अब तक 15 से 20 लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
थाने में दर्ज रिपोर्ट के बाद शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत डीडवाना निवासी राहुल द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग इलाके में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू की, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लालचंद डेविड को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पृष्ठभूमि और धर्म परिवर्तन की कहानी
डीडवाना के पुलिस उप अधीक्षक जीतू सिंह ने पत्रकारों को बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि लालचंद डेविड मूल रूप से हिंदू था। करीब आठ साल पहले उसकी माता गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं। इसी दौरान वह ईसाई पादरियों के संपर्क में आया। उसने प्रभु यीशु से प्रार्थना की और मां के स्वस्थ होने के बाद इसे चमत्कार मानते हुए ईसाई धर्म अपना लिया। इसके बाद से ही वह ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हो गया और लोगों को अपने विचारों से प्रभावित करने लगा।
गरीब और पिछड़े वर्ग को बनाया निशाना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हाल ही में लालचंद डेविड डीडवाना पहुंचा था। यहां उसने वाल्मीकि समाज सहित अन्य पिछड़े वर्गों के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। आरोप है कि वह लोगों को हिंदू देवी-देवताओं की पूजा न करने का दबाव बनाता था और उन्हें प्रभु यीशु की पूजा करने के लिए प्रेरित करता था। मानसिक दबाव और कथित चमत्कारों के उदाहरण देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया जा रहा था।
कई लोग कर चुके थे धर्म परिवर्तन
पुलिस के अनुसार आरोपी के प्रभाव में आकर कई लोगों ने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था, जबकि कुछ अन्य लोग इस प्रक्रिया में थे। धीरे-धीरे जब इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को हुई, तो उन्होंने इसका विरोध करना शुरू किया। इसी विरोध और शिकायत के बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया।
शादी के कार्ड में छपे ईसाई प्रतीक
जांच के दौरान एक युवती का मामला भी सामने आया है, जिसने आरोपी के प्रभाव में आकर धर्म परिवर्तन किया था। इस युवती ने अपनी शादी के कार्ड में ईसाई धर्म के प्रतीक और प्रभु यीशु की शिक्षाओं को भी छपवाया था। यह तथ्य सामने आने के बाद पुलिस को संदेह और गहरा हुआ और मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।
मिशनरी नेटवर्क और फंडिंग की जांच
लालचंद डेविड की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसने अब तक कुल कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी ईसाई मिशनरी संगठन से जुड़ा हुआ है या नहीं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसे फंडिंग कहां से मिल रही थी और किन-किन लोगों या संगठनों से उसका संपर्क था।
पुलिस ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
डीडवाना पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून के तहत जबरन या दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


