शोभना शर्मा। उदयपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। यहां राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की घटना उजागर हुई है, जिसमें कांग्रेस के एक ब्लॉक अध्यक्ष समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने मोर का शिकार कर उसे मार डाला और खेत में उसका मांस पकाकर खाने की तैयारी कर रहे थे। राष्ट्रीय पक्षी से जुड़े इस गंभीर अपराध ने न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है।
यह मामला ऋषभदेव थाना क्षेत्र के बीलख गांव का बताया जा रहा है, जहां रविवार देर शाम पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक खेत में मोर का शिकार किया गया है और उसका मांस पकाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।
खेत में पकाया जा रहा था मोर का मांस
पुलिस के अनुसार, जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां तीन लोग खेत में मोर को मारकर उसका मांस पकाने की तैयारी कर रहे थे। जिस खेत में यह घटना हो रही थी, वह कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल का बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से मोर का मांस, पकाने के लिए उपयोग में ली जा रही सामग्री और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि पकाया जा रहा मांस राष्ट्रीय पक्षी मोर का ही था। इसके बाद तत्काल वन विभाग की टीम को भी सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर इसकी पुष्टि की।
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष समेत तीन गिरफ्तार
ऋषभदेव थानाधिकारी हेमंत अहारी ने बताया कि मौके से कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल के साथ अर्जुन और राकेश नामक दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को मौके से हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में से अर्जुन पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। उस पर पहले से 16 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, अर्जुन लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं।
वन विभाग ने की पुष्टि, लगे सख्त आरोप
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुष्टि की कि पकाया जा रहा मांस राष्ट्रीय पक्षी मोर का ही था। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करना गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मोर का शिकार, हत्या या उसके अंगों का उपयोग करना गैरकानूनी है। इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने पर जेल और भारी जुर्माने की सजा हो सकती है।
कोर्ट में पेशी और पुलिस रिमांड की मांग
सोमवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिमांड की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मोर का शिकार किस उद्देश्य से किया गया और इसमें किसी तरह के संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
इलाके में चर्चा का विषय बनी गिरफ्तारी
राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष की गिरफ्तारी की खबर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि वन्यजीवों के शिकार को लेकर कानून बेहद सख्त हैं और किसी भी सूरत में ऐसे अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और राष्ट्रीय पक्षी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि समाज में सख्त संदेश जाए और भविष्य में कोई भी व्यक्ति वन्यजीवों के शिकार जैसा अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।


