राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में खिलाड़ियों के चयन को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी से पहले राजस्थान टीम के संभावित खिलाड़ियों के चयन ने खिलाड़ियों, जिला संघों और पूर्व क्रिकेटरों में असंतोष पैदा कर दिया है। प्रदेशभर से 36 खिलाड़ियों को कैंप के लिए चुना गया है, लेकिन इन नामों को लेकर चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
खिलाड़ियों का आरोप है कि हाल के महीनों और पिछले एक साल में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई होनहार क्रिकेटरों को नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि ऐसे खिलाड़ियों को कैंप में जगह मिली है जिनका लंबे समय से प्रदर्शन औसत या कमजोर रहा है। इससे यह बहस तेज हो गई है कि क्या चयन योग्यता के आधार पर हो रहा है या फिर सिफारिशें और दबाव इसमें भूमिका निभा रहे हैं।
24 दिसंबर से शुरू होगी विजय हजारे ट्रॉफी
विजय हजारे ट्रॉफी की शुरुआत 24 दिसंबर से होने जा रही है। इसके मद्देनजर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन ने 19 से 21 दिसंबर तक तीन दिवसीय कैंप आयोजित करने का फैसला किया है। इसी कैंप के बाद अंतिम राज्य टीम का चयन किया जाएगा।
हालांकि, टूर्नामेंट शुरू होने में बेहद कम समय बचा है, ऐसे में कैंप के लिए चुने गए खिलाड़ियों की सूची ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि जब समय सीमित है, तब उन खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए जिनकी हालिया फॉर्म बेहतरीन रही है, ताकि टीम तुरंत प्रतिस्पर्धी बन सके।
प्रदर्शन से ज्यादा सिफारिश का आरोप
विवाद की सबसे बड़ी वजह यह है कि कैंप में शामिल किए गए 36 खिलाड़ियों में आधा दर्जन से अधिक ऐसे नाम हैं, जिनका पिछले लंबे समय से कोई खास प्रदर्शन नहीं रहा है। आरोप है कि इन खिलाड़ियों को पिछले दो साल पुराने आंकड़ों या सिफारिश के आधार पर चुना गया है।
इसके उलट, कई युवा और लगातार रन बनाने वाले खिलाड़ी इस सूची से बाहर रह गए। इससे न केवल खिलाड़ी निराश हैं, बल्कि जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारी भी चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
कार्तिक शर्मा का मामला भी चर्चा में
इस पूरे विवाद के बीच एक बड़ा नाम भी सामने आया है। खिलाड़ी कार्तिक शर्मा ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को फिजिकल अनफिट होने का हवाला देते हुए ईमेल भेजा है, जिसके चलते उन्हें कैंप में शामिल नहीं किया गया।
दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में IPL ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने कार्तिक शर्मा को 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा है। ऐसे में उनके कैंप से बाहर रहने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
सीनियर खिलाड़ियों की नाराजगी
राजस्थान से क्रिकेट खेल चुके एक सीनियर खिलाड़ी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि RCA की कार्यप्रणाली अब पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उनके अनुसार, बिना सिफारिश के अब चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ना लगभग नामुमकिन हो गया है।
उन्होंने कहा कि कई बार जिन खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जाता है, उन्हें मैच खेलने का मौका तक नहीं मिलता। इसके बजाय सिफारिश के आधार पर नए खिलाड़ियों को बाहर से लाकर सीधे मैच खिलाया जाता है। इसका सीधा असर राजस्थान की घरेलू क्रिकेट में लगातार गिरती परफॉर्मेंस पर पड़ रहा है।
अनुभवहीन चयन समिति पर सवाल
राजस्थान रणजी टीम के पूर्व कप्तान और चयन समिति के पूर्व चेयरमैन राहुल कांवट ने भी मौजूदा हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान चयन समिति में शामिल कुछ सदस्य ऐसे हैं, जिन्होंने खुद बहुत कम मैच खेले हैं।
उनका मानना है कि जब अनुभवहीन लोग चयन की जिम्मेदारी संभालते हैं, तो इसका नुकसान सीधे खिलाड़ियों को उठाना पड़ता है। राहुल कांवट के अनुसार, अब हालात ऐसे हो गए हैं कि एक टीम में 20 नहीं बल्कि 30 खिलाड़ी खेलने लगते हैं, जो किसी भी राज्य की क्रिकेट संरचना के लिए नुकसानदेह है।
मनमर्जी से चयन का आरोप
राहुल कांवट ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे चयन समिति में थे, तब उन पर कुछ गैर-प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चुनने का दबाव डाला गया था। जब उन्होंने इस दबाव को मानने से इनकार किया, तो उनके खिलाफ आरोप लगाए गए।
उनका कहना है कि अब वही लोग अपनी मनमर्जी से चयन कर रहे हैं और होनहार खिलाड़ियों के साथ अन्याय हो रहा है। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन युवाओं को हो रहा है जो मेहनत और प्रदर्शन के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
RCA का पक्ष
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए एडहॉक कमेटी के सदस्य पिंकेश जैन ने कहा कि कैंप का समय भले ही कम हो, लेकिन बेहतर अभ्यास के लिए खिलाड़ियों की संख्या अधिक रखना जरूरी है। इससे चयनकर्ताओं को अधिक विकल्प मिलते हैं और खिलाड़ी आपस में प्रतिस्पर्धा कर पाते हैं।
वहीं, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की सीनियर सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन अनिल सिन्हा ने बताया कि विजय हजारे ट्रॉफी कैंप के लिए खिलाड़ियों का चयन सभी पांच चयनकर्ताओं की सहमति से किया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ खिलाड़ियों को एडहॉक कमेटी और ऑब्जर्वर कमेटी की सिफारिश पर मौका दिया गया है।


