मनीषा शर्मा। जयपुर सेंट्रल जेल से फिल्मी अंदाज में भागे दोनों बंदी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। शनिवार देर रात अनस नामक आरोपी को पकड़े जाने के बाद रविवार को दूसरा बंदी नवल किशोर भी प्रताप नगर के बड़ का बास इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से इन दोनों फरार कैदियों को ढूंढ निकाला।
फरारी के दौरान लगी चोटें
गिरफ्तारी के समय नवल किशोर के सिर और आंख पर चोट के निशान पाए गए। जानकारी के अनुसार, जेल की दीवार फांदने के दौरान उसे यह चोटें आईं। पुलिस ने उसे तुरंत चिकित्सकों से पट्टी बंधवाई। वहीं, पहले पकड़े गए अनस को भी फरारी के दौरान झटका लगने से चोट आई थी।
फरार होने का तरीका
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोनों बंदियों ने जेल के गार्डन में लगे पाइप का एक हिस्सा काटा और उससे रस्सी तैयार की। इसी रस्सी के सहारे उन्होंने 28 फीट ऊंची थ्री फेस करंट वाली दीवार पार की। तारों को हटाने और सेट करने के दौरान दोनों को बिजली का झटका भी लगा। इसके बावजूद वे दीवार के पार चले गए। नवल सबसे पहले प्लास्टिक के पाइप के सहारे उतरा, उसके लगभग आधे घंटे बाद अनस भी नीचे आ गया। इसके बाद दोनों जेल से बाहर निकल गए और अलग-अलग जगहों पर छिपते रहे।
पुलिस की सक्रियता और नाकाबंदी
जेल से फरारी की घटना सामने आते ही पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी। 11 घंटे के भीतर ही पुलिस ने अनस को पकड़ लिया और रविवार को नवल किशोर भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने इस दौरान न केवल तकनीकी साधनों बल्कि अपने खुफिया नेटवर्क का भी भरपूर इस्तेमाल किया। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से दोनों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और आखिरकार दोनों को दबोच लिया गया।
जयपुर जेलकर्मियों पर गिरी गाज
इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद जेल प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जेल डीजी के आदेश पर ड्यूटी पर तैनात डिप्टी जेलर राम चरण मीणा, दो मुख्य प्रहरी, पांच प्रहरी और तीन आरएएसी जवान को निलंबित कर दिया गया है। घटना की जांच का जिम्मा जयपुर रेंज की डीआइजी सुमन को सौंपा गया है। माना जा रहा है कि जांच में लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों की पूरी परतें खुलेंगी।


