टोंकlatest-newsराजस्थान

टोंक में भारी बारिश के कारण तीन दिन तक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद,

टोंक में भारी बारिश के कारण  तीन दिन तक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद,

मनीषा शर्मा।  राजस्थान में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदियां और नाले उफान पर हैं, कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और जर्जर भवनों के गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए टोंक  जिले की कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने सरकारी, निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों की छुट्टियां तीन दिन के लिए और बढ़ा दी हैं।

टोंक  कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 25 अगस्त से 27 अगस्त तक सभी विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा। हालांकि इस दौरान शिक्षकों और स्टाफ को स्कूल जाना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छुट्टी केवल विद्यार्थियों के लिए है, लेकिन शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूलों में उपस्थित रहेंगे।

आदेश के पीछे वजह

टोंक  कलेक्टर का यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

  1. जर्जर भवनों का खतरा – जिले के कई स्कूल भवन पुराने और जर्जर हालत में हैं। लगातार बारिश से इनके गिरने का खतरा बढ़ गया है।

  2. रास्तों में जलभराव – ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में जलभराव से आने-जाने में दिक्कत हो रही है। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा जोखिमपूर्ण मानी गई है।

  3. मौसम विभाग का अलर्ट – मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जिले सहित प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

पहले भी बढ़ाई गई थीं छुट्टियां

यह पहली बार नहीं है जब कलेक्टर को बारिश के कारण छुट्टियां घोषित करनी पड़ी हों। 28 और 29 जुलाई को भी भारी बारिश की आशंका के चलते अवकाश घोषित किया गया था। इसके बाद चार दिन की छुट्टियां और बढ़ाई गईं। 23 अगस्त को भी एक दिन का अवकाश जारी किया गया था। अब एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए तीन दिन की छुट्टियों का नया आदेश लागू किया गया है।

अवकाश अवधि में सख्त निर्देश

टोंक  कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि इस अवकाश के दौरान यदि कोई शिक्षक बच्चों को पढ़ाता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश का पालन सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य है।

प्रभावित होंगे लगभग दो लाख विद्यार्थी

इस आदेश से जिले के करीब दो लाख विद्यार्थियों को राहत मिली है। लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच बच्चों को स्कूल आने-जाने से छूट मिली है। वहीं, अभिभावक भी इस निर्णय से संतुष्ट नजर आ रहे हैं क्योंकि बच्चों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

पीआरओ अपूर्व शर्मा ने जानकारी दी कि जिले में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी राजस्थान और मध्यप्रदेश के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के कारण मानसून सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक इसका असर जारी रहने की संभावना है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading