मनीषा शर्मा। राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लंबे समय से अटकलें जारी हैं। इस राजनीतिक हलचल पर बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और हरियाणा प्रभारी सतीश पूनिया ने बुधवार को कोटा में मीडिया से बातचीत में व्यंग्यपूर्ण अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली में जिन लोगों का संपर्क है, उन्हें जितनी जानकारी है, उतनी ही जानकारी उनके पास भी है। उन्होंने कहा कि चर्चाओं का वातावरण बना रहना भी लोकतंत्र के लिए अच्छा है, क्योंकि इससे लोगों में उम्मीद कायम रहती है। पूनिया ने कहा कि राजनीति में आकांक्षा स्वाभाविक होती है और कई लोग मंत्रिमंडल में शामिल होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे।
“कुछ लोग कुंवारे की तरह इंतजार कर रहे होंगे, आखिर कभी न कभी शादी तो होती ही है”
सतीश पूनिया ने कहा कि जैसे किसी कुंवारे व्यक्ति को अपनी शादी का इंतजार रहता है, उसी तरह कुछ नेताओं को मंत्री बनने की आस रहती है। राजनीति में धैर्य भी एक बड़ा गुण है और मंत्रिमंडल विस्तार पर थोड़ा इंतजार करना चाहिए। उनके अनुसार, समय आने पर सभी दबावों और संतुलनों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। पूनिया के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में एक हल्के-फुल्के व्यंग्य के रूप में देखा गया।
राज्य सरकार के दो साल के कामकाज की सराहना
बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मौजूदा राजस्थान सरकार को विरासत में कई गंभीर समस्याएँ मिली थीं—जैसे पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था की चुनौतियाँ। पूनिया ने कहा कि दो वर्षों में इन समस्याओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। उनका मानना है कि सरकार ने अपनी दिशा और नीयत स्पष्ट रखते हुए कई बुनियादी सुधार किए हैं, जिससे जनता के विश्वास में बढ़ोतरी हुई है।
डोटासरा के आरोपों पर पलटवार: “50 साल में पानी नहीं लाए, अब औरों को देखकर तकलीफ”
सतीश पूनिया ने कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा के उस आरोप का जवाब भी दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में राजस्थान को यमुना का पानी नहीं मिलेगा। पूनिया ने कहा कि जिन लोगों ने 50 वर्षों में पानी लाने में विफलता पाई है, वे अब यह देखकर परेशान हैं कि कोई और इस काम को पूरा कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में डोटासरा और उनके सहयोगियों ने केंद्र की योजनाओं जैसे जल जीवन मिशन और आयुष्मान योजना को पूरा करने में बाधाएँ डाली थीं।
यमुना जल परियोजना को जल्द धरातल पर लाने की बात
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार यमुना जल परियोजना के एमओयू को धरातल पर लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द तैयार की जाएगी। पूनिया के अनुसार, यह परियोजना राजस्थान के लाखों परिवारों की पानी की समस्या को हमेशा के लिए समाप्त कर सकती है और सरकार इसे प्राथमिकता देती है।
निवेश और रोजगार को लेकर सरकार के प्रयासों की प्रशंसा
प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर सतीश पूनिया ने राज्य में हुए निवेश की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में राजस्थान ने निवेश आकर्षित करने में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी जानकारी के अनुसार 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू जमीन पर उतर चुके हैं, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को मजबूत आधार मिलेगा।
SIR के जरिए मतदाता पुनरीक्षण को बड़ी उपलब्धि बताया
पूनिया ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए शुरू किए गए SIR कार्यक्रम के तहत राजस्थान पहला राज्य है जहां 100 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।उनके अनुसार, यह प्रशासनिक दक्षता का संकेत है और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में सरकार ने कई मोर्चों पर अपेक्षाओं से बेहतर काम किया है।


