नए साल की शुरुआत के साथ ही आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। पहले देशभर में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल और कारोबारियों पर असर पड़ा और अब राजस्थान में सरस घी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। नए साल के तीसरे दिन राजस्थान में बिकने वाले सरस घी के दाम 20 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिए गए हैं, जिससे थोक बाजार में हलचल मच गई है।
थोक पैक पर बढ़ी कीमत, कंज्यूमर पैक राहत में
राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सरस घी की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल थोक पैक पर लागू की गई है। कंपनी ने 15 किलोग्राम के टीन पैक की कीमत में 300 रुपये की वृद्धि की है। इसका सीधा अर्थ है कि प्रति किलो 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि कंज्यूमर पैक, यानी एक किलो और उससे छोटे पैक के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में घरेलू स्तर पर सीमित मात्रा में सरस घी खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
क्यों बढ़ाए गए सरस घी के दाम
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि सरस घी की कीमतों में यह बदलाव बढ़ती उत्पादन लागत और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए किया गया है। दूध और अन्य कच्चे माल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते डेयरी उत्पादों की लागत बढ़ी है, जिसका असर अब थोक दरों पर दिखाई दे रहा है।
सरस घी राजस्थान के सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद ब्रांडों में से एक है। राज्यभर में इसका बड़े पैमाने पर उपयोग होता है, खासकर होटल, रेस्टोरेंट, हलवाई और मिठाई उद्योग में। यही कारण है कि कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर इन व्यवसायों की लागत बढ़ा सकती है।
होटल और मिठाई कारोबार पर पड़ेगा असर
थोक पैक महंगे होने से होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई बनाने वाले कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। ये संस्थान आमतौर पर बड़े पैक में सरस घी की खरीद करते हैं। ऐसे में लागत बढ़ने का असर आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पिछले साल दूध के दाम भी बढ़े थे
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2025 में सरस के दूध के दाम भी बढ़ाए गए थे। उस समय दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) ने तब यह फैसला दुग्ध उत्पादकों को बेहतर मूल्य देने के उद्देश्य से लिया था।
कुल मिलाकर नए साल की शुरुआत में सरस घी की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी थोक उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है। आने वाले समय में यदि उत्पादन लागत और बढ़ती है, तो कंज्यूमर पैक पर भी असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।


