शोभना शर्मा। राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सांचौर के मौलवी ओसामा उमर को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह मौलवी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का सक्रिय सदस्य था और अफगानिस्तान भागने की साजिश रच रहा था। एटीएस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत केस दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है।
ATS की बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
एटीएस ने पिछले सप्ताह राजस्थान के चार जिलों में एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से दो सगे भाई थे। इन सभी से जयपुर स्थित ATS मुख्यालय में चार दिनों तक पूछताछ की गई। पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर एटीएस को पता चला कि मौलवी ओसामा उमर का सीधा संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन TTP के टॉप कमांडरों से है।
मौलवी ओसामा का बैकग्राउंड और कट्टरता फैलाने की गतिविधियां
सूत्रों के अनुसार, ओसामा उमर मूल रूप से बाड़मेर जिले के मुसनाराई का बास का निवासी है। पिछले कई वर्षों से वह सांचौर के इमाम नूर मोहम्मद मोहर्रम चौक पर मौलवी के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान उसने स्थानीय युवाओं के बीच कट्टरता फैलाने का नेटवर्क तैयार किया।
एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि ओसामा पिछले चार वर्षों से TTP के शीर्ष नेताओं से इंटरनेट कॉलिंग (VoIP) के माध्यम से संपर्क में था। उसने युवाओं को TTP के प्रचार-प्रसार में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और अन्य संदिग्धों पर भी दबाव बनाया कि वे आतंकवादी विचारधारा अपनाएं।
अफगानिस्तान भागने की साजिश नाकाम
एटीएस के अधिकारियों के अनुसार, मौलवी ओसामा को अपनी निगरानी की जानकारी लग चुकी थी, जिसके बाद उसने देश छोड़ने की योजना बनाई। उसकी योजना दुबई के रास्ते अफगानिस्तान पहुंचने की थी, ताकि वहां TTP के ऑपरेशनल नेटवर्क में शामिल हो सके।
लेकिन एटीएस ने उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी और समय रहते उसे सांचौर से गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी को राजस्थान पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि यह कार्रवाई न केवल एक आतंकी नेटवर्क को तोड़ती है, बल्कि राज्य में कट्टरता फैलाने की एक बड़ी साजिश को भी विफल करती है।
UAPA के तहत दर्ज हुआ मामला
मौलवी ओसामा उमर के खिलाफ एटीएस ने UAPA की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के तहत आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को सख्त सजा का प्रावधान है। एटीएस की टीम ने अदालत से उसकी न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) की मांग की है और आगे की जांच जारी है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा। एटीएस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौलवी ओसामा के राज्य के अन्य हिस्सों में भी संपर्क या नेटवर्क तो नहीं हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और आगे की कार्रवाई
राजस्थान एटीएस इस गिरफ्तारी के बाद अब डिजिटल फॉरेंसिक डेटा, मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और विदेशी संपर्कों की जांच में जुटी है। एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या ओसामा ने किसी अन्य आतंकी संगठन से भी संपर्क स्थापित किया था।


