राजस्थान की राजनीति में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे कांग्रेस महासचिव और टोंक विधायक सचिन पायलट ने सोमवार को अपने टोंक विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, महंगाई, बेरोजगारी, नीट पेपर लीक और देश की विदेश नीति को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता लगातार आर्थिक दबाव झेल रही है, लेकिन सरकार को लोगों की परेशानियों की कोई चिंता नहीं दिखाई दे रही।
टोंक दौरे के दौरान सचिन पायलट ने विभिन्न गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और स्थानीय मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में आत्महत्या करने वाले एक छात्र के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। पायलट ने कहा कि छात्र की मौत बेहद दुखद घटना है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने केंद्र सरकार पर महंगाई को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे आम जनता पर दोहरी मार पड़ रही है। उनका कहना था कि ईंधन की कीमतें बढ़ने का सीधा असर रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है, क्योंकि परिवहन महंगा होने से खाने-पीने की वस्तुओं सहित हर जरूरी सामान के दाम बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यदि कीमतें बढ़ानी ही थीं तो चुनाव से पहले जनता को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी, ताकि लोग वास्तविक स्थिति को समझ पाते।
पायलट ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक हितों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान है, लेकिन सरकार राहत देने के बजाय लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है, क्योंकि उनकी आय सीमित है जबकि खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर भी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष परीक्षा में गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं, लेकिन सरकार केवल जांच एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपकर खुद को बचाने का प्रयास कर रही है। पायलट ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में संगठित शिक्षा माफिया सक्रिय हैं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले का खुलासा तब हुआ जब विद्यार्थियों ने शिकायत की कि गेस पेपर और मुख्य प्रश्नपत्र लगभग एक जैसे थे। पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार ने स्वयं इस गड़बड़ी को उजागर नहीं किया, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के विरोध के बाद मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है और यदि परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे तो विद्यार्थियों का भरोसा टूटेगा।
विदेश नीति और ऊर्जा नीति को लेकर भी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत को हर देश के साथ बराबरी और स्वतंत्रता के आधार पर संबंध रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को यह तय करने का पूरा अधिकार होना चाहिए कि वह तेल रूस, ईरान या वेनेजुएला जैसे देशों से खरीदे। पायलट का कहना था कि देश की ऊर्जा नीति पूरी तरह स्वतंत्र और राष्ट्रीय हितों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पर बाहरी दबाव बढ़ रहा है, जिसका असर देश की आर्थिक नीतियों और किसानों पर भी पड़ सकता है।
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भी पायलट ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अदालत कई बार सरकार को चुनाव कराने के निर्देश दे चुकी है, लेकिन इसके बावजूद चुनाव नहीं कराए जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव टालने के कारण राजस्थान को केंद्र से मिलने वाली हजारों करोड़ रुपए की राशि प्रभावित हो रही है। पायलट ने दावा किया कि सरकार चुनाव कराने से इसलिए बच रही है क्योंकि उसे कांग्रेस की संभावित जीत का डर सता रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समय पर चुनाव होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलता है। यदि चुनाव लगातार टाले जाएंगे तो विकास कार्य और प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी प्रभावित होंगी। पायलट ने कहा कि कांग्रेस हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के पक्ष में रही है और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश यात्राओं को लेकर भी सचिन पायलट ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार विदेश यात्राएं कर रहे हैं और दूसरी ओर देशवासियों को बचत करने की सलाह दे रहे हैं। पायलट ने कहा कि लोगों से कहा जा रहा है कि तेल बचाओ, खर्च कम करो और विदेश यात्रा मत करो, जबकि सरकार खुद आमजन पर महंगाई का बोझ बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ रहा है और आम लोगों के लिए जीवनयापन मुश्किल होता जा रहा है। पायलट ने कहा कि चाहे शिक्षा से जुड़ा मामला हो या पेट्रोलियम से संबंधित मुद्दा, सरकार में जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई भी मंत्री अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने को तैयार नहीं है।


