मनीषा शर्मा। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए कैंसर के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने की घोषणा की है। इस mRNA वैक्सीन की जानकारी रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर आंद्रेई कप्रीन ने दी। रूसी न्यूज एजेंसी TASS की रिपोर्ट के अनुसार, यह वैक्सीन अगले साल से रूस के नागरिकों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। इसे सदी की सबसे बड़ी खोजों में से एक माना जा रहा है।
क्या है mRNA वैक्सीन?
mRNA या मैसेंजर RNA, हमारे शरीर के जेनेटिक कोड का एक छोटा हिस्सा है। यह सेल्स को प्रोटीन बनाने का निर्देश देता है, जिससे इम्यून सिस्टम को सक्रिय किया जा सके। mRNA वैक्सीन वायरस और बैक्टीरिया के हमले का पता लगाकर उनसे लड़ने के लिए आवश्यक प्रोटीन बनाने में हमारी कोशिकाओं की मदद करती है।
mRNA वैक्सीन के मुख्य फायदे:
पारंपरिक वैक्सीन की तुलना में इसे विकसित करने में कम समय लगता है।
यह शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करता है।
इम्यून सिस्टम को सही तरीके से टारगेट करने में मददगार है।
कैंसर वैक्सीन: रोकथाम से ज्यादा इलाज में मददगार
कैंसर की वैक्सीन का उपयोग कैंसर होने से पहले नहीं बल्कि इसके बाद किया जाता है। इसका उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर इम्यून सिस्टम को उनके खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करना है। यह वैक्सीन विशेष रूप से उन लोगों के लिए कारगर है जो पहले से कैंसर से जूझ रहे हैं।
कैंसर वैक्सीन बनाना क्यों मुश्किल है?
कैंसर वैक्सीन विकसित करना एक बड़ी वैज्ञानिक चुनौती है, क्योंकि:
कैंसर कोशिकाओं की पहचान में कठिनाई: कैंसर कोशिकाएं सामान्य कोशिकाओं जैसी दिखती हैं, जिससे इम्यून सिस्टम उन्हें खतरनाक नहीं मानता।
इम्यून सेल्स का दमन: कैंसर कोशिकाएं ऐसे मॉलिक्यूल बनाती हैं जो इम्यून सेल्स की सक्रियता को दबा देते हैं।
द्वंद्वात्मक प्रतिक्रिया: कई बार कैंसर एंटीजन सामान्य और असामान्य दोनों प्रकार की कोशिकाओं पर मौजूद होता है, जिससे वैक्सीन का प्रभाव स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
कमजोर इम्यून सिस्टम: कुछ लोगों का इम्यून सिस्टम इतना कमजोर होता है कि वैक्सीन उन्हें पूरी तरह लाभ नहीं पहुंचा पाती।
रूस की mRNA कैंसर वैक्सीन की खासियत
रूस की यह वैक्सीन ट्यूमर के विकास को रोकने में सक्षम है। क्लिनिकल ट्रायल में इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इसके अलावा, वैक्सीन इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं की पहचान और उनसे लड़ने में प्रशिक्षित करती है।
भारत में कैंसर की स्थिति
भारत में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
2022 के आंकड़े: 14.13 लाख नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 7.22 लाख महिलाएं और 6.91 लाख पुरुष थे।
मृत्यु दर: 2022 में 9.16 लाख लोगों की कैंसर से मौत हुई।
आने वाले सालों का अनुमान: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार, अगले पांच वर्षों में कैंसर के मामलों में 12% की वृद्धि हो सकती है।
कम उम्र में कैंसर का खतरा
कम उम्र में कैंसर होने के पीछे मुख्य कारण आधुनिक जीवनशैली है।
- प्रमुख प्रकार: 50 वर्ष की उम्र से पहले ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और थायरॉइड कैंसर सबसे अधिक होते हैं।
- भारत में प्रमुख कैंसर: ब्रेस्ट, मुंह, गर्भाशय और फेफड़ों के कैंसर सबसे ज्यादा पाए जाते हैं।
कैंसर वैक्सीन से उम्मीदें
रूस की यह खोज कैंसर से लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। अगर यह वैक्सीन प्रभावी साबित होती है, तो यह न केवल कैंसर रोगियों को राहत देगी, बल्कि इम्यूनोथेरेपी के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।


