मनीषा शर्मा। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज जयपुर में भव्य ‘रन फॉर यूनिटी’ (Run for Unity) का आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत की एकता, अखंडता और समरसता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार पटेल की स्मृति में किया गया। यह दौड़ गांधी सर्किल से शुरू होकर जवाहरलाल नेहरू मार्ग तक निकाली गई। इस दौरान देशभक्ति और एकता के नारों से जयपुर की सड़कों पर उत्साह और जोश का माहौल रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, डीजीपी राजीव शर्मा, जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में युवा, छात्र तथा स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य इस आयोजन में शामिल हुए।
डीजीपी और आईपीएस अधिकारियों ने लगाई दौड़
‘रन फॉर यूनिटी’ में न केवल राजनीतिक नेता बल्कि पुलिस प्रशासन भी सक्रिय रूप से शामिल हुआ। डीजीपी राजीव शर्मा ने जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर दौड़ लगाई। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन केवल एक खेल कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्र एकता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
सीएम भजनलाल शर्मा का संबोधन: “सरदार पटेल ने भारत को जोड़ा, अब उसे विकसित बनाना युवाओं की जिम्मेदारी”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत की एकता और अखंडता का सच्चा प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद जब देश सैकड़ों रियासतों में बंटा हुआ था, तब लौह पुरुष सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और कुशल कूटनीति से पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोया। उन्होंने सशक्त भारत की नींव रखी थी, अब उस भारत को विकसित भारत बनाना आज के युवाओं की जिम्मेदारी है।” सीएम ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में एक भी पेपर लीक की घटना नहीं हुई, जिससे युवाओं का विश्वास शासन पर बहाल हुआ है।
91 हजार युवाओं को रोजगार, 1 लाख से अधिक पदों पर भर्ती जारी
भजनलाल शर्मा ने कहा, “हमारी सरकार ने अब तक 91 हजार युवाओं को रोजगार दिया है और 1 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। राज्य सरकार न केवल सरकारी नौकरियों में बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार सृजन पर ध्यान दे रही है।” उन्होंने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ पहल युवाओं के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल रही है। इस पहल के जरिए राज्य में उद्योग, स्टार्टअप्स और निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो भविष्य में विकसित राजस्थान के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
युवाओं को दिलाए गए तीन संकल्प
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित युवाओं को तीन महत्वपूर्ण संकल्प दिलाए —
राष्ट्रीय हित और राष्ट्र की एकता को सर्वोपरि रखना।
अखंड और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना।
आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए समर्पित रहना।
उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। “अगर देश के युवा इन तीन संकल्पों को जीवन में उतार लें, तो आने वाला युग निश्चित रूप से भारत का युग होगा।”
खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ बोले – सरदार पटेल ने बिखरे भारत को जोड़ा
कार्यक्रम में खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र एकता, साहस और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने अपने दृढ़ निश्चय और दूरदर्शिता से स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में पिरोया।” राठौड़ ने कहा, “आज का यह आयोजन केवल दौड़ नहीं, बल्कि एकता, समर्पण और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद 560 से अधिक रियासतों का विलय कर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार किया।” उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
दीया कुमारी ने युवाओं से एकता और अनुशासन का संदेश अपनाने की अपील की
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस अवसर पर कहा कि सरदार पटेल की जयंती हमें यह याद दिलाती है कि भारत की ताकत उसकी एकता में है। उन्होंने कहा, “आज का भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमें अपने कर्म, विचार और संकल्प से इस यात्रा को और सशक्त बनाना है।” दीया कुमारी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे एकता, अनुशासन और राष्ट्र प्रेम के मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि “रन फॉर यूनिटी जैसे आयोजन युवाओं को एक मंच देते हैं जहां वे अपने अंदर की ऊर्जा और देश के प्रति समर्पण को व्यक्त कर सकते हैं।”
कार्यक्रम में उमड़ी युवाओं की भीड़, गूंजे देशभक्ति के नारे
जयपुर की सड़कों पर हजारों युवाओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ दौड़ लगाई। सामाजिक संस्थानों, कॉलेजों और स्कूलों के छात्रों ने बैनर और तिरंगे झंडे लेकर सरदार पटेल के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
सरदार पटेल: एकता और अखंडता के प्रतीक
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने आज़ादी के बाद देश के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनके अथक प्रयासों से 560 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय हुआ और एक एकीकृत भारत का निर्माण संभव हुआ। उनकी जयंती को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाया जाता है। जयपुर में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का उद्देश्य न केवल सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देना था, बल्कि युवाओं में राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा देना भी था।


