राजस्थान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। राज्य भर में आरटीई के तहत आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस बार बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए आवेदन किया है। शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश में कुल 6.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब इन आवेदनों के आधार पर गुरुवार को आरटीई लॉटरी निकाली जाएगी, जिसके जरिए निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश का चयन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस लॉटरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पाली जिला कलक्टर कार्यालय से सुबह 11 बजे ऑनलाइन जुड़कर इस लॉटरी प्रक्रिया को शुरू करेंगे। लॉटरी निकलने के बाद अभिभावक आरटीई के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने बच्चों के प्रवेश से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे।
आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा का प्रावधान
शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें ऐसे बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं, जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं।
राजस्थान सरकार हर साल इस योजना के तहत हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराती है। इसके लिए राज्य स्तर पर एक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आयोजित की जाती है, जिसमें अभिभावक अपने बच्चों के लिए आवेदन करते हैं। आवेदन की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक होने की स्थिति में चयन के लिए लॉटरी प्रणाली अपनाई जाती है। इस बार भी आवेदन संख्या काफी अधिक रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में बच्चों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
इस बार 6.34 लाख आवेदन प्राप्त
शिक्षा विभाग के अनुसार इस वर्ष आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए कुल 6.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक मानी जा रही है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग ने सभी आवेदनों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। अब गुरुवार को लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किन बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिलेगा। लॉटरी की यह प्रक्रिया राज्य स्तर पर ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में निकलेगी लॉटरी
आरटीई लॉटरी की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू करने के लिए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह पाली जिला कलक्टर कार्यालय से ऑनलाइन माध्यम से इस प्रक्रिया से जुड़ेंगे और सुबह 11 बजे लॉटरी प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। लॉटरी निकलने के बाद तुरंत ही परिणाम आरटीई के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे, जिससे अभिभावक घर बैठे अपने बच्चों का रिजल्ट देख सकेंगे।
ऐसे चेक कर सकते हैं आरटीई लॉटरी रिजल्ट
आरटीई राजस्थान लॉटरी 2026-27 का रिजल्ट अभिभावक ऑनलाइन आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें आरटीई के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर पहुंचने के बाद उन्हें स्कूल एडमिशन स्टेटस या लॉटरी रिजल्ट से संबंधित विकल्प दिखाई देगा।
इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुलेगा, जहां से अभिभावक अपने आवेदन से जुड़ी जानकारी भरकर रिजल्ट देख सकते हैं। यहां अभिभावकों को स्कूल के स्थान के अनुसार रिजल्ट देखने का विकल्प भी मिलेगा।
इसके लिए उन्हें ड्रॉपडाउन मेनू में क्रमवार जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत या शहरी क्षेत्र, गांव या वार्ड और संबंधित विद्यालय का चयन करना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
सभी जानकारी भरने के बाद जब अभिभावक सबमिट बटन पर क्लिक करेंगे तो चयनित स्कूल से संबंधित आरटीई लॉटरी रिजल्ट की सूची स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी। इस सूची में अभिभावक अपने बच्चे का नाम या आवेदन संख्या खोजकर यह पता लगा सकते हैं कि उन्हें प्रवेश मिला है या नहीं।
चयनित छात्रों को आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी
लॉटरी में जिन छात्रों का चयन होगा, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश से संबंधित आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें स्कूल में आवश्यक दस्तावेज जमा करना और प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करना शामिल है। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में विस्तृत निर्देश भी जारी किए जाएंगे। यदि अभिभावक समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उनकी सीट किसी अन्य पात्र छात्र को दी जा सकती है।
शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना
आरटीई योजना राज्य में शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है। इस योजना के माध्यम से ऐसे बच्चों को भी अच्छे निजी स्कूलों में पढ़ने का मौका मिलता है, जो आर्थिक कारणों से वहां पढ़ाई नहीं कर सकते। राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलता है और बच्चों को बेहतर भविष्य के अवसर मिलते हैं।
इस बार बड़ी संख्या में आवेदन आने से यह भी स्पष्ट होता है कि अभिभावकों में इस योजना को लेकर काफी जागरूकता बढ़ी है। अब सभी अभिभावकों की नजर गुरुवार को निकलने वाली आरटीई लॉटरी पर टिकी हुई है, जिससे यह तय होगा कि किन बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का अवसर मिलेगा।


