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RPSC सांख्यिकी अधिकारी भर्ती 2025: अपात्र अभ्यर्थियों के लिए अंतिम नोटिस

RPSC सांख्यिकी अधिकारी भर्ती 2025: अपात्र अभ्यर्थियों के लिए अंतिम नोटिस

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सांख्यिकी अधिकारी भर्ती 2025 को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपात्र अभ्यर्थियों के लिए अंतिम नोटिस जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन अभ्यर्थियों के पास भर्ती विज्ञापन में निर्धारित अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता या अनुभव नहीं है, वे तय समय सीमा के भीतर अपना ऑनलाइन आवेदन स्वेच्छा से वापस ले सकते हैं। आयोग के अनुसार, आवेदन वापस लेने की अंतिम तिथि 3 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन विड्रा करने का लिंक 23 जनवरी 2026 से सक्रिय कर दिया गया है। आरपीएससी ने यह अवसर इसलिए दिया है ताकि अभ्यर्थी भविष्य में किसी तरह की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई से बच सकें।

रैंडम सैंपल जांच में सामने आई अनियमितताएं

आरपीएससी सचिव ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान रैंडम सैंपल जांच की गई, जिसमें यह सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने आवश्यक शैक्षणिक योग्यता या अनुभव पूरा न होने के बावजूद आवेदन कर दिया है। आयोग ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है, क्योंकि इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

इसी कारण आयोग ने अपात्र अभ्यर्थियों को स्वेच्छा से आवेदन वापस लेने का मौका दिया है। आयोग का कहना है कि यदि कोई अभ्यर्थी जानबूझकर गलत जानकारी देकर आवेदन करता है और जांच में दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

3 साल तक डिबार होने की चेतावनी

आरपीएससी ने नोटिस में साफ चेतावनी दी है कि जो अपात्र अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा में आवेदन वापस नहीं लेते हैं और बाद में जांच में दोषी पाए जाते हैं, उन्हें आगामी तीन वर्षों तक आरपीएससी द्वारा आयोजित किसी भी भर्ती परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।

इसके साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है। यानी न केवल भविष्य की भर्तियों से रोक लगेगी, बल्कि कानूनी परेशानियां भी झेलनी पड़ सकती हैं।

सांख्यिकी अधिकारी भर्ती 2025: कुल पद और योग्यता

आरपीएससी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सांख्यिकी अधिकारी भर्ती 2025 के तहत कुल 113 पदों पर नियुक्ति की जानी है। यह भर्ती राज्य के विभिन्न विभागों में सांख्यिकी से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए की जा रही है, इसलिए आयोग ने योग्यता मानकों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है।

भर्ती के लिए अभ्यर्थी के पास अर्थशास्त्र, सांख्यिकी या गणित में न्यूनतम द्वितीय श्रेणी से मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त वाणिज्य या कृषि सांख्यिकी में मास्टर डिग्री धारक अभ्यर्थी भी इस भर्ती के लिए पात्र माने गए हैं।

अनुभव और कंप्यूटर योग्यता की शर्त

शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ अभ्यर्थियों के लिए अनुभव और कंप्यूटर ज्ञान से जुड़ी शर्तें भी तय की गई हैं। उम्मीदवार के पास कम से कम एक वर्ष का प्रासंगिक अनुभव होना आवश्यक है। इसके अलावा आरएससीआईटी (RSCIT) या इसके समकक्ष मान्यता प्राप्त कंप्यूटर प्रमाण पत्र भी अनिवार्य रखा गया है।

हालांकि आयोग ने कुछ श्रेणियों को अनुभव की शर्त में छूट भी दी है। प्रथम श्रेणी में मास्टर डिग्री प्राप्त करने वाले, पीएचडी धारक और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को अनुभव की अनिवार्यता से राहत दी गई है।

हिंदी और राजस्थानी संस्कृति का ज्ञान भी जरूरी

आरपीएससी की इस भर्ती में केवल तकनीकी और शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि भाषा और सांस्कृतिक ज्ञान को भी महत्व दिया गया है। अभ्यर्थियों के लिए देवनागरी लिपि में हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान होना अनिवार्य है। इसके साथ ही राजस्थान की संस्कृति की जानकारी भी जरूरी बताई गई है, ताकि चयनित अधिकारी राज्य की सामाजिक और प्रशासनिक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

आयोग की अपील, नियमों का पालन करें अभ्यर्थी

आरपीएससी ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे भर्ती विज्ञापन में दी गई योग्यता और शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। यदि कोई अभ्यर्थी स्वयं को अपात्र पाता है, तो वह बिना देर किए निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन वापस ले ले। आयोग का कहना है कि यह कदम भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए उठाया गया है। साथ ही योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है। समय रहते लिया गया निर्णय अभ्यर्थियों को भविष्य में गंभीर परिणामों से बचा सकता है।

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