राजस्थान में बहुप्रतीक्षित सब इंस्पेक्टर-प्लाटून कमांडर पुलिस प्रतियोगी परीक्षा-2025 रविवार से शुरू होने जा रही है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित इस परीक्षा को लेकर इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता के विशेष इंतजाम किए गए हैं। करीब 7 लाख 70 हजार अभ्यर्थियों के लिए राज्य के 26 जिलों और 15 उपखंड मुख्यालयों में कुल 1174 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां दो दिनों तक यह परीक्षा आयोजित होगी।
आयोग के सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार, परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को दो पारियों में आयोजित की जाएगी। पहली पारी सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक हिंदी विषय की होगी, जबकि दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान की परीक्षा के लिए निर्धारित की गई है। परीक्षा को लेकर प्रशासन ने पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
इस बार परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जा रही है। केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या तकनीकी माध्यम से नकल की संभावना को रोका जा सके। यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
परीक्षा में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार कड़े कानूनी प्रावधान भी लागू किए गए हैं। राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत यदि कोई अभ्यर्थी नकल करता हुआ या डमी कैंडिडेट के रूप में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कठोर दंड का प्रावधान है, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखी जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो मेटल डिटेक्टर से लैस होंगे। इसके साथ ही ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल करने के प्रयासों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पिछले वर्षों में सामने आए मामलों को ध्यान में रखते हुए इस बार तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर सतर्कता बढ़ाई गई है।
इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर रियल टाइम डेट और टाइम स्टैम्प के साथ वीडियोग्राफी को अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा के दौरान होने वाली हर गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से रखा जा सके और किसी भी संदिग्ध स्थिति में सटीक जानकारी उपलब्ध हो।
अभ्यर्थियों के लिए ड्रेस कोड भी इस बार अनिवार्य किया गया है। पुरुष अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन की शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता पहनकर पेंट या पायजामा के साथ हवाई चप्पल या स्लीपर में ही परीक्षा केंद्र पर आने की अनुमति दी गई है। वहीं महिला अभ्यर्थियों के लिए सलवार सूट या साड़ी के साथ आधी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज और साधारण रबर बैंड निर्धारित किया गया है।
सुरक्षा कारणों से कई वस्तुओं को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इनमें आभूषण, घड़ी, चश्मा, बेल्ट, हैंडबैग, हेयर पिन, ताबीज, टोपी और स्कार्फ जैसी चीजें शामिल हैं। हालांकि, सिख धर्म के अभ्यर्थियों को उनके धार्मिक प्रतीकों जैसे कड़ा, कृपाण और पगड़ी के साथ परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पहले से नकल या पेपर लीक के मामलों में शामिल रहे अभ्यर्थियों और डिबार किए गए उम्मीदवारों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इससे परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके।
इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में जहां उत्साह है, वहीं सुरक्षा के कड़े इंतजामों के कारण उन्हें नियमों का पालन करने की भी जिम्मेदारी है। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और सभी निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।


