राजस्थान में बहुप्रतीक्षित एसआई भर्ती परीक्षा-2025 का आयोजन शनिवार से शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित इस परीक्षा में करीब 7.70 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए राज्य के 41 शहरों में कुल 1174 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह भर्ती कुल 1015 पदों के लिए की जा रही है, जिससे युवाओं में काफी उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल है।
परीक्षा दो दिन, 5 और 6 अप्रैल को आयोजित होगी और प्रत्येक दिन दो पारियों में अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा को लेकर इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि इससे पहले आयोजित SI भर्ती-2021 पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स के मामलों के कारण विवादों में रही थी और अंततः उसे रद्द करना पड़ा था। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक मजबूत किया गया है।
परीक्षा से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेशों ने भी इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने SI भर्ती-2021 में शामिल हुए सभी अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत देते हुए उन्हें अस्थायी रूप से इस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी। हालांकि, अगले ही दिन कोर्ट की विशेष पीठ ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया कि यह राहत केवल उन्हीं अभ्यर्थियों तक सीमित रहेगी, जिन्होंने अदालत में याचिका दायर की थी। इस निर्णय के बाद परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की स्थिति स्पष्ट हो गई।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत इस बार परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। विशेषज्ञों और ईएनटी डॉक्टरों की मदद से उन्हें आधुनिक तकनीकों के जरिए नकल करने के तरीकों की पहचान करना सिखाया गया है। इसमें ब्लूटूथ डिवाइस, विग में छिपे उपकरण, चश्मों में लगे कैमरे और कान में फिट होने वाली सूक्ष्म डिवाइसों को पहचानने की जानकारी दी गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
अभ्यर्थियों के लिए भी इस बार सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुरुष अभ्यर्थियों को केवल आधी आस्तीन की शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता और पेंट या पायजामा पहनकर आने की अनुमति दी गई है, साथ ही उन्हें हवाई चप्पल या स्लीपर पहनना अनिवार्य किया गया है। महिलाओं के लिए सलवार सूट या साड़ी के साथ आधी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज निर्धारित किया गया है। आभूषणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है, केवल साधारण चूड़ियों की अनुमति है। सिख अभ्यर्थियों को उनके धार्मिक प्रतीकों के साथ परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
इसके अलावा, जूते-मोजे, घड़ी, धूप का चश्मा, बेल्ट, बैग, स्कार्फ और अन्य कई वस्तुओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इन नियमों का उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित साधनों के उपयोग को रोकना है।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा शुरू होने से 60 मिनट पहले तक ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद आने वाले अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि सुरक्षा जांच और पहचान प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
अभ्यर्थियों को अपने साथ मूल आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य किया गया है। पहचान पत्र पर स्पष्ट और नवीनतम फोटो होना जरूरी है, अन्यथा प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही एडमिट कार्ड पर भी नवीनतम रंगीन फोटो चिपकाना अनिवार्य है।
नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने भी आमजन से सहयोग की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। सूचना देने वाले को एक लाख रुपए तक का इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
आयोग ने अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी दलाल या मीडिएटर के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति परीक्षा पास कराने के नाम पर रिश्वत या अन्य प्रलोभन देता है, तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें। परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें आजीवन कारावास, भारी जुर्माना और संपत्ति जब्त करने जैसी सजा शामिल है।


