राजस्थान लोक सेवा आयोग राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2025 की बहुप्रतीक्षित लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हो गई। दो दिनों तक चली इस परीक्षा का आयोजन दो-दो पारियों में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। खासतौर पर अजमेर जिले में 64 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित हुई, जहां प्रशासन और पुलिस ने मिलकर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त रही कि अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश से पहले गहन जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। निर्धारित समय से एक घंटे पहले ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, ताकि समय रहते उनकी पहचान और तलाशी की प्रक्रिया पूरी की जा सके। सुरक्षा मानकों के तहत कई अभ्यर्थियों को अपने जूते तक उतारने पड़े, जबकि फुल स्लीव शर्ट पहनने की अनुमति नहीं होने के कारण कुछ उम्मीदवारों को अपनी शर्ट के बाजू कटवाने पड़े। कई अभ्यर्थी ऐसे भी देखे गए, जो बनियान में ही परीक्षा देने के लिए बैठे।
इस सख्ती का उद्देश्य परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकना था। मेटल डिटेक्टर से जांच के दौरान अभ्यर्थियों के कपड़ों में लगे धातु के बटन भी हटवाए गए, जिससे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या संदिग्ध वस्तु के प्रवेश की संभावना समाप्त हो सके।
दूसरे दिन की परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति का आंकड़ा पहले दिन की तुलना में थोड़ा बेहतर रहा। दूसरे दिन की पहली पारी में 20,200 अभ्यर्थियों में से 11,215 उपस्थित रहे, जो लगभग 55.52 प्रतिशत रहा। वहीं दूसरी पारी में 11,136 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जो करीब 55.13 प्रतिशत के बराबर है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षाकृत स्थिर रही, हालांकि कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों की तुलना में उपस्थिति औसत ही रही।
पहले दिन की बात करें तो पहली पारी में 20,200 में से 10,993 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जो 54.42 प्रतिशत रहा। दूसरी पारी में 10,229 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जो 54.10 प्रतिशत के बराबर है। गौर करने वाली बात यह रही कि पहले दिन सुबह की पारी में शामिल हुए 764 अभ्यर्थी दूसरी पारी में परीक्षा देने नहीं पहुंचे, जिससे उपस्थिति में अंतर देखने को मिला।
पूरी परीक्षा प्रक्रिया के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर कुल 800 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी से लेकर सादी वर्दी में तैनात जवान भी शामिल थे। लगभग 100 पुलिसकर्मी अन्य जिलों से बुलाए गए थे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके और परीक्षा की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।
परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी गई थी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, ताकि परीक्षा में गड़बड़ी की किसी भी कोशिश को तुरंत रोका जा सके। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य था कि पिछली भर्तियों में सामने आए पेपर लीक और नकल के मामलों से सबक लेते हुए इस बार पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ परीक्षा आयोजित की जाए।
इस परीक्षा के आयोजन में आधुनिक तकनीकों और सख्त प्रोटोकॉल का पालन किया गया। अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए एडमिट कार्ड, फोटो पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के दौरान हर अभ्यर्थी की कई स्तरों पर जांच की गई, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके।
अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा न केवल एक महत्वपूर्ण अवसर थी, बल्कि उनके भविष्य से भी जुड़ी हुई थी। ऐसे में प्रशासन की ओर से की गई सख्ती को अधिकांश उम्मीदवारों ने सकारात्मक रूप में लिया, हालांकि कुछ को असुविधा का सामना भी करना पड़ा। इसके बावजूद परीक्षा का माहौल शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बना रहा।
समग्र रूप से देखा जाए तो RPSC की SI भर्ती-2025 परीक्षा बिना किसी बड़ी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। अब अभ्यर्थियों की नजरें परीक्षा परिणाम पर टिकी हुई हैं, जो उनकी आगे की चयन प्रक्रिया का रास्ता तय करेगा। इस परीक्षा ने एक बार फिर यह साबित किया कि सख्त निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाया जा सकता है।


