मनीषा शर्मा, अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने वर्ष 2026 में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कदम को प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। अब तक कई उम्मीदवार अनिश्चित परीक्षा तिथियों के कारण रणनीति तय नहीं कर पाते थे, लेकिन नए कैलेंडर के साथ उन्हें स्पष्ट दिशा और समयसीमा मिल गई है। इससे तैयारी अधिक व्यवस्थित और लक्ष्य-उन्मुख हो सकेगी।
11 जनवरी से शुरू होगा परीक्षा सत्र
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा सत्र की शुरुआत 11 जनवरी 2026 से होगी। इस दिन डिप्टी कमांडेंट परीक्षा-2025 आयोजित की जाएगी। इसके बाद जनवरी से लेकर नवंबर तक कुल 16 प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की प्रस्तावित तिथियां तय कर दी गई हैं। इसके साथ ही अप्रेल से दिसंबर के बीच पाँच अतिरिक्त तिथियां भी आरक्षित रखी गई हैं। इन तिथियों को संभावित नई भर्तियों, तकनीकी कारणों या किसी आकस्मिक बदलाव के लिए सुरक्षित रखा गया है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी परीक्षा को आगे बढ़ाने की स्थिति आए भी, तो अन्य परीक्षाओं के शेड्यूल पर असर न पड़े और पूरा सत्र समयबद्ध तरीके से चलता रहे।
ऑनलाइन परीक्षाओं पर विशेष जोर
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में अधिकांश परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराई जाएंगी। उदाहरण के तौर पर —
लेक्चरर (आयुर्वेद विभाग) परीक्षा — 12 जनवरी 2026
सहायक विद्युत निरीक्षक (ऊर्जा विभाग) परीक्षा — 1 फरवरी 2026
दोनों परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में प्रस्तावित हैं। RPSC इससे पहले भी 2012 से 2018 के दौरान 160 से अधिक परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित कर चुका है। उस अनुभव के आधार पर आयोग का मानना है कि ऑनलाइन सिस्टम न केवल पारदर्शी है, बल्कि तेजी से परिणाम जारी करने और विवादों को कम करने में भी मददगार होता है।
“गोल्डन टाइम” का मौका
RPSC अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने कैलेंडर जारी करते हुए कहा कि परीक्षा तिथियां पहले घोषित करने का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों को “गोल्डन टाइम” देना है। उनके अनुसार, जब विज्ञापन के साथ या तुरंत बाद परीक्षा की तारीख स्पष्ट हो जाती है, तो उम्मीदवार मानसिक रूप से तैयार रहते हैं। वे अपनी योजना, विषय-वार रणनीति और अभ्यास सत्र को बेहतर ढंग से व्यवस्थित कर पाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2025 के परीक्षा कैलेंडर का सौ प्रतिशत पालन किया गया था। इसी परंपरा को 2026 में भी जारी रखने का लक्ष्य है, ताकि आयोग की विश्वसनीयता और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत बना रहे।
पूरे साल की तस्वीर साफ
डिप्टी कमांडेंट से लेकर संरक्षण अधिकारी तक कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं की संभावित तिथियां कैलेंडर में शामिल हैं। हर परीक्षा के लिए अलग-अलग शेड्यूल तय किया गया है और आरक्षित तिथियों का उल्लेख भी किया गया है। RPSC ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कैलेंडर डायनेमिक दस्तावेज़ की तरह रहेगा — यानी भर्ती विज्ञापनों और आवश्यकताओं के अनुसार समय-समय पर अपडेट किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी बदलाव की जानकारी पहले से जारी की जाएगी ताकि उम्मीदवारों को असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े।
पारदर्शिता, समयबद्धता और भरोसा
हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों में सबसे बड़ी चिंता अनिश्चितता रही है। परीक्षा तिथि बदलने, पेपर लीक या शेड्यूल टकराव जैसी समस्याओं ने उनकी तैयारी को प्रभावित किया। नया कैलेंडर इन चिंताओं को काफी हद तक कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं आयोजित करना, कंप्यूटर आधारित प्रणाली अपनाना और पहले से रोडमैप जारी करना— ये सभी प्रयास शासन-प्रशासन की पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
अभ्यर्थियों के लिए सीधा फायदा
अब उम्मीदवार पूरे वर्ष का शेड्यूल देखकर
अपनी पढ़ाई का टाइम-टेबल बना सकते हैं
मॉक टेस्ट और रिवीजन के स्लॉट तय कर सकते हैं
कोचिंग, टेस्ट-सीरीज़ और व्यक्तिगत अध्ययन के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं
इससे अनावश्यक तनाव कम होगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अधिक परिणाम-उन्मुख बनेगी।


