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RPSC असिस्टेंट आचार्य परीक्षा 2024: धर्मशास्त्र, ज्योतिष और यजुर्वेद में कोई भी पास नहीं

RPSC असिस्टेंट आचार्य परीक्षा 2024: धर्मशास्त्र, ज्योतिष और यजुर्वेद में कोई भी पास नहीं

मनीषा शर्मा, अजमेर । राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सहायक आचार्य (संस्कृत शिक्षा विभाग) परीक्षा 2024 के अंतर्गत धर्मशास्त्र, ज्योतिष फलित और यजुर्वेद विषयों का परिणाम जारी कर दिया है। आयोग की ओर से जारी इस परिणाम ने शिक्षा जगत और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को चौंका दिया है, क्योंकि इन तीनों विषयों में एक भी उम्मीदवार न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त नहीं कर सका। इसके चलते इन विषयों में एक भी अभ्यर्थी साक्षात्कार चरण तक नहीं पहुंच पाया।

आयोग के नियमों के अनुसार सहायक आचार्य परीक्षा में इंटरव्यू के लिए चयनित होने के लिए लिखित परीक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य था। लेकिन धर्मशास्त्र, ज्योतिष फलित और यजुर्वेद विषयों में शामिल हुए किसी भी अभ्यर्थी ने यह न्यूनतम योग्यता हासिल नहीं की। ऐसे में इन विषयों की सभी घोषित पोस्ट फिलहाल खाली रह गई हैं।

कम उपस्थिति भी बनी बड़ी वजह

RPSC की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इन तीनों विषयों के लिए कुल 225 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। हालांकि, परीक्षा के दिन इनमें से केवल 48 उम्मीदवार ही परीक्षा देने पहुंचे। यानी कुल आवेदकों में से 25 प्रतिशत से भी कम अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। जो उम्मीदवार परीक्षा देने पहुंचे, वे भी न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक हासिल करने में असफल रहे।

परीक्षा परिणाम 22 दिसंबर को जारी किया गया। आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि यह परिणाम राजस्थान उच्च न्यायालय की सिविल रिट याचिका संख्या 4637/2025 में दिए गए अंतरिम आदेशों के अनुपालन में तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विज्ञापन की शर्तों और लागू सेवा नियमों के अनुसार न्यूनतम अंक हासिल करने वाला कोई भी उम्मीदवार नहीं मिला, इसलिए किसी को भी उत्तीर्ण घोषित नहीं किया गया।

200 पदों के लिए निकली थी भर्ती

RPSC ने सहायक आचार्य (संस्कृत शिक्षा विभाग) भर्ती 2024 के तहत कुल 200 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। यह विज्ञापन 12 जनवरी 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसके अंतर्गत विभिन्न विषयों के लिए पद निर्धारित किए गए थे। हिंदी विषय के लिए 37 पद, अंग्रेजी के लिए 27 पद, राजनीति विज्ञान के लिए 5 पद, इतिहास के लिए 3 पद और सामान्य संस्कृत के लिए 38 पद रखे गए थे।

इसके अलावा साहित्य के 41 पद, व्याकरण के 36 पद, धर्मशास्त्र के 3 पद, ज्योतिष गणित के 2 पद, यजुर्वेद के 2 पद और ज्योतिष फलित का 1 पद शामिल था। ऋग्वेद का 1 पद, सामान्य दर्शन का 1 पद, भाषा विज्ञान के 2 पद और योग विज्ञान का 1 पद भी इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा थे। सितंबर 2024 में इन सभी विषयों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।

स्कूल लेक्चरर भर्ती के नतीजों से भी उठे सवाल

सहायक आचार्य परीक्षा के इन परिणामों ने RPSC की हालिया भर्तियों की गुणवत्ता और अभ्यर्थियों की तैयारी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में आयोग ने वर्ष 2022 की स्कूल लेक्चरर और कोच भर्ती का परिणाम भी जारी किया था। उस भर्ती के विश्लेषण में सामने आया था कि कई विषयों में उम्मीदवार न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक भी हासिल नहीं कर सके। 24 विषयों की उस भर्ती में राजनीति विज्ञान सहित कुल 11 विषय ऐसे रहे, जिनमें सभी पद भरे नहीं जा सके। केवल फिजिक्स, भूगोल और गणित सहित करीब 10 विषय ऐसे थे, जिनमें पर्याप्त संख्या में योग्य उम्मीदवार मिलने से पदों को भरा जा सका। शेष विषयों में पद खाली रहना शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर संकेत माना जा रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों की चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि संस्कृत जैसे विषयों में उम्मीदवारों की कम संख्या, परीक्षा में कम उपस्थिति और न्यूनतम अंक तक न पहुंच पाना कई गहरी समस्याओं की ओर इशारा करता है। इसमें विषय विशेषज्ञों की कमी, परीक्षा के स्तर और सिलेबस के बीच असंतुलन, तथा संस्कृत शिक्षा के प्रति घटती रुचि जैसे कारण शामिल हो सकते हैं।

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