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बीजासन माता मंदिर पर बनेगा रोपवे, 16 करोड़ का डीपीआर तैयार

बीजासन माता मंदिर पर बनेगा रोपवे, 16 करोड़ का डीपीआर तैयार

राजस्थान के इंद्रगढ़ क्षेत्र स्थित प्राचीन बीजासन माता मंदिर पर रोपवे निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले रोपवे प्रोजेक्ट का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन यानी डीपीआर तैयार कर लिया गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 16 करोड़ रुपए तय की गई है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत इस रोपवे का भूमि पूजन जनवरी महीने में प्रस्तावित है।

मलमास के बाद 15 जनवरी से शुरू होगा निर्माण कार्य

जानकारी के अनुसार मलमास समाप्त होने के बाद 15 जनवरी को विधिवत भूमि पूजन के साथ रोपवे निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। प्रशासन और संबंधित विभागों ने निर्माण को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। रोपवे के निर्माण से बीजासन माता मंदिर तक पहुंचने का रास्ता श्रद्धालुओं के लिए काफी आसान हो जाएगा।

एक साथ 72 श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

रोपवे परियोजना के तहत प्रारंभिक चरण में कुल 12 ट्रॉलियां लगाई जाएंगी। प्रत्येक ट्रॉली में छह श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता होगी। इस तरह एक समय में 72 श्रद्धालु रोपवे के जरिए बीजासन माता मंदिर तक पहुंच सकेंगे। जरूरत पड़ने पर भविष्य में ट्रॉलियों की संख्या बढ़ाकर 24 तक करने का भी प्रावधान रखा गया है।

बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांगों को मिलेगी बड़ी राहत

वर्तमान में बीजासन माता मंदिर पहाड़ी पर स्थित है और श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लगभग 750 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। रोपवे के निर्माण के बाद बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शन करना कहीं अधिक सरल हो जाएगा। इसके साथ ही छोटे बच्चों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी सहूलियत मिलेगी।

करीब 2000 वर्ष पुराना है बीजासन माता मंदिर

इंद्रगढ़ क्षेत्र का बीजासन माता मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मंदिर करीब 2000 वर्ष पुराना बताया जाता है। माता की प्रतिमा फनाकार आकृति में स्थापित है, जिसे देखने के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर की धार्मिक मान्यता प्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों में भी व्यापक है।

नवरात्रि में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब

बीजासन माता मंदिर पर वर्ष में दो बार बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है। चैत्र नवरात्रि में नौ दिवसीय मेले के दौरान करीब छह लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं शारदीय नवरात्रि के नौ दिवसीय मेले में यह संख्या बढ़कर करीब नौ लाख तक पहुंच जाती है। इसके अलावा भादवा माह की गुप्त नवरात्रि में भी प्रदेशभर से पैदल यात्री माता के दर्शन के लिए आते हैं, जहां कई बार श्रद्धालुओं की संख्या चैत्र और शारदीय नवरात्रि से भी अधिक हो जाती है।

कल्याण एवं विकास समिति करती है मेले का आयोजन

नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक चलने वाले मेले का आयोजन श्री बीजासन माता कल्याण एवं विकास समिति द्वारा किया जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु कनक दंडवत परिक्रमा भी लगाते हैं। सामाजिक संगठनों की ओर से भंडारों का आयोजन किया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

रोपवे निर्माण से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि रोपवे शुरू होने के बाद बीजासन माता मंदिर पर श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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