मनीषा शर्मा। राजस्थान में रूफटॉप सोलर सिस्टम (Rooftop Solar System) से बिजली उत्पादन करने वाले उपभोक्ताओं के लिए सरकार की ओर से एक बड़ी राहत आई है। अब उपभोक्ताओं को ग्रिड में दी जाने वाली अतिरिक्त बिजली के बदले अधिक दर से भुगतान किया जाएगा। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) और अन्य डिस्कॉम्स ने नई दरें जारी कर दी हैं, जो 27 अक्टूबर 2025 से लागू हो गई हैं। पहले जहां उपभोक्ताओं को 2.71 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान मिलता था, वहीं अब उन्हें 3.26 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान किया जाएगा। यानी प्रति यूनिट 55 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। यह आदेश राजस्थान विद्युत नियामक आयोग (RERC) के निर्णय के बाद जारी हुआ है और मौजूदा बिलिंग माह से प्रभावी रहेगा।
नेट मीटरिंग और नेट बिलिंग उपभोक्ताओं को नया टैरिफ लाभ
नई दरों के अनुसार, नेट मीटरिंग (Net Metering) और नेट बिलिंग (Net Billing) सिस्टम वाले उपभोक्ताओं को अलग-अलग दरें मिलेंगी।
नेट मीटरिंग उपभोक्ता: अब 3.26 रुपये प्रति यूनिट
नेट बिलिंग उपभोक्ता: अब 3.65 रुपये प्रति यूनिट
यह दरें हाल ही में हुई नई बिडिंग प्रक्रिया के बाद निर्धारित की गई हैं।सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (कॉमर्शियल) टी.सी. सिंघल के अनुसार, ये दरें उन घरेलू उपभोक्ताओं पर भी लागू होंगी जिनके पास पहले से नेट मीटरिंग कनेक्शन है। नेट बिलिंग सिस्टम के उपभोक्ताओं को तय रेट पूरे एग्रीमेंट की अवधि तक मिलते रहेंगे। जब तक नई दरें घोषित नहीं होतीं, तब तक यही टैरिफ लागू रहेगा।
पुराने आदेशों में संशोधन, उपभोक्ताओं को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
जयपुर डिस्कॉम ने इस आदेश में 2021, 2022 और 2023 में जारी किए गए पुराने निर्देशों का भी जिक्र किया है, जिनमें नेट मीटरिंग और नेट बिलिंग की प्रक्रिया बताई गई थी। फरवरी 2024 में जारी टैरिफ को अब संशोधित करते हुए नई दरें लागू कर दी गई हैं। नई दरों के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी अतिरिक्त बिजली का बेहतर दाम मिलेगा। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य है —
अधिक से अधिक लोगों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रेरित करना,
और राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देना।
1.35 लाख से ज्यादा उपभोक्ता नेट मीटरिंग सिस्टम से जुड़े
राजस्थान में फिलहाल 1 लाख 35 हजार से अधिक उपभोक्ता अपने घरों या संस्थानों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर बिजली उत्पन्न कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर उपभोक्ता नेट मीटरिंग सिस्टम से जुड़े हुए हैं। नई दरों के लागू होने से इन सभी उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक फायदा होगा। साथ ही, यह बदलाव राज्य में सौर ऊर्जा को व्यवहारिक और आर्थिक रूप से अधिक लाभदायक विकल्प बनाएगा। डिस्कॉम अधिकारियों का कहना है कि, “राजस्थान सरकार नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को लेकर प्रतिबद्ध है और उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए हर संभव सुविधा दे रही है।”
पीएम सूर्यघर योजना से भी बढ़ेगी सौर ऊर्जा की पहुंच
राजस्थान में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्यघर योजना (PM Surya Ghar Yojana) के तहत अब तक 96 हजार 685 उपभोक्ताओं ने अपने घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए हैं। इस योजना के तहत 3 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम लगाने पर उपभोक्ताओं को अधिकतम ₹78,000 की केंद्रीय सहायता दी जाती है। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सोलर सिस्टम लगाना काफी आसान हो गया है। अब नई दरों के लागू होने के बाद इन उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बिजली बेचने पर और अधिक रिटर्न मिलेगा। यह कदम न केवल राज्य की सौर क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि आम जनता को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ाएगा।
नेट मीटरिंग और नेट बिलिंग — क्या है फर्क?
रूफटॉप सोलर सिस्टम से जुड़ी दो प्रमुख व्यवस्थाएं हैं —
नेट मीटरिंग सिस्टम:
इस सिस्टम में उपभोक्ता पहले अपने घर में सौर ऊर्जा का उपयोग करता है।
घर की जरूरत से अधिक बची हुई बिजली ग्रिड को भेज दी जाती है।
अगली बिलिंग में उतनी यूनिट्स एडजस्ट हो जाती हैं।
यानी उपभोक्ता केवल नेट खपत (खाई गई माइनस भेजी गई बिजली) का बिल भरता है।
नेट बिलिंग सिस्टम:
इसमें उपभोक्ता द्वारा उत्पन्न अतिरिक्त बिजली सीधे डिस्कॉम को बेची जाती है।
डिस्कॉम उस बिजली की तय दर के अनुसार उपभोक्ता को भुगतान करता है।
इस प्रणाली में बिजली की खरीद और बिक्री का अलग-अलग हिसाब रखा जाता है।
नई दरें इन दोनों व्यवस्थाओं के तहत लागू होंगी, जिससे दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
नई दरों से बढ़ेगा सौर ऊर्जा उत्पादन
राजस्थान पहले से ही देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में से एक है। राज्य में उपलब्ध विशाल भूमि क्षेत्र और अधिक धूप की अवधि के कारण यहां सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। नई दरों के बाद उम्मीद की जा रही है कि:
अधिक संख्या में उपभोक्ता सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रेरित होंगे।
राज्य की कुल सौर उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।
डिस्कॉम अधिकारियों के मुताबिक, “सरकार की प्राथमिकता अब घर-घर सौर ऊर्जा पहुंचाना और राज्य को हरित ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाना है।”
हरित ऊर्जा की दिशा में राजस्थान का बड़ा कदम
राजस्थान सरकार और डिस्कॉम्स का यह निर्णय न केवल उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि यह सस्टेनेबल एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में एक ठोस कदम है। रूफटॉप सोलर सिस्टम के बढ़ते प्रचलन और नई दरों के प्रोत्साहन से राज्य में आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन में भारी वृद्धि की उम्मीद है। साथ ही, यह कदम “हर घर सौर मिशन” को गति देगा और राजस्थान को ग्रीन एनर्जी स्टेट के रूप में स्थापित करेगा।


