शोभना शर्मा। राजस्थान इन दिनों मूसलधार बारिश से बेहाल है। राज्य के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सबसे बड़ी घटना भरतपुर जिले से सामने आई, जहां एक मकान के ढहने से दो लोगों की मौत हो गई। हालात बिगड़ते देख लोग अब बारिश थमने की प्रार्थना करने लगे हैं।
स्कूल बंद और अलर्ट जारी
बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई जगहों पर स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। मंगलवार को बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। यह कदम छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को दो जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 9 सितंबर को जैसलमेर और बाड़मेर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश का असर और तापमान का हाल
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा 34.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि सिरोही में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मुख्य शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
अजमेर – 21.7 डिग्री
जयपुर – 23.8 डिग्री
कोटा – 23.3 डिग्री
सीकर – 23.0 डिग्री
जोधपुर – 24.0 डिग्री
बाड़मेर – 24.0 डिग्री
जैसलमेर – 24.8 डिग्री
बीकानेर – 25.0 डिग्री
चित्तौड़गढ़ – 24.8 डिग्री
श्रीगंगानगर – 25.5 डिग्री
दौसा – 23.7 डिग्री
मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में हवा में आर्द्रता का स्तर 61 से 79 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया है, जिससे उमस की स्थिति बनी हुई है।
अवदाब का प्रभाव
आईएमडी जयपुर केंद्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बना अवदाब (लो प्रेशर एरिया) अधिक तीव्र होकर गहरे अवदाब में बदल गया है। यह अवदाब वर्तमान में दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और आसपास के इलाकों, जैसे राजस्थान और भुज क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में यह अवदाब कमजोर पड़कर सामान्य अवदाब में परिवर्तित हो जाएगा।
यही कारण है कि फिलहाल राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है, लेकिन 10 सितंबर से मानसून कमजोर पड़ने लगेगा और बारिश की तीव्रता में कमी आएगी।
राहत की संभावना
आईएमडी ने बताया कि नौ सितंबर तक कुछ जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, लेकिन इसके बाद पूरे राज्य में बारिश की गतिविधियां तेजी से घटेंगी। अगले एक सप्ताह तक राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश ही दर्ज होगी या फिर मौसम शुष्क रहेगा।
इस पूर्वानुमान से लोगों को कुछ हद तक राहत की उम्मीद जगी है। फिलहाल बारिश से प्रभावित जिलों में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और सड़कों पर जलभराव हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भरतपुर हादसा और अन्य चुनौतियां
भरतपुर जिले में एक मकान गिरने की घटना ने बारिश की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मकान ढहने और दीवार गिरने के खतरे बढ़ गए हैं।
इसके अलावा, सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। कई ग्रामीण मार्ग बंद हो गए हैं और लोग घरों से बाहर निकलने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं।


